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हिमालयी क्षेत्र के गांवों के लिए हंस फाउंडेशन बना देवदूत

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हिमालय की तलहटी में बसे खातीगांव के अस्पताल में लोगों की जांच करते चिकित्सक। - फोटो : Amar Ujala
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बागेश्वर। स्वास्थ्य सुविधा से वंचित बागेश्वर के हिमालय की तलहटी में बसे खाती, धुर क्षेत्र के लोगों के लिए हंस फाउंडेशन देवदूत बनकर सामने आया है। फाउंडेशन के अस्पताल हिमालयी क्षेत्र के गावों के लोगों को निशुल्क उपचार की सुविधा दे रहे हैं। अस्पताल में सीमांत की गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव कराए जा रहे हैं। घर पर स्वास्थ्य सुविधा मिलने से लोगों को काफी राहत मिल रही है। सरकार से हुए अनुबंध के बाद हंस फाउंडेशन ने वर्ष 2019 में खातीगांव के जीर्णशीर्ण हो चुके अस्पताल भवन का जीर्णोद्धार किया। करुणा ट्रस्ट के सहयोग से अगस्त 2019 में खाती और धुर गांव में अस्पताल खोल दिए। अस्पताल की लैब में ब्लड शुगर, खून, बलगम की जांच के साथ ही 15 तरह की जांचें की जाती हैं। दोनों अस्पतालों में 3 एमबीबीएस डॉक्टर, दो आयुष डॉक्टर, दो स्टाफ नर्स, 5 एएनएम, एक लैब तकनीशियन और एक फार्मासिस्ट नियुक्त है। अस्पताल की डिस्पेंसरी में हर तरह की दवा मौजूद रहती है। लोगों का निशुल्क उपचार किया जाता है। दोनों अस्पतालों के डॉक्टर हर सप्ताह आसपास के गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाते हैं। हर तीन महीने में जिला मुख्यालय से विशेषज्ञ चिकित्सक खातीगांव में रोगियों की जांच करते हैं। हंस फाउंडेशन की पहल से स्वास्थ्य सुविधा विहीन हिमालयी क्षेत्र से सटे इलाकों के लोगों को काफी राहत मिल रही है। इलाके के लोग हंस फाउंडेशन की मुक्त कंठ से सराहना करते हैं। इनसेट ::- करुणा ट्रस्ट ने उत्तरायणी मेले में किया था 5 हजार लोगों का इलाज :- बागेश्वर। खाती और धुर गांव में अस्पताल का संचालन कर रहे हंस फाउंडेशन का सहयोगी करुणा ट्रस्ट लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहता है। बीते जनवरी में बागेश्वर में आयोजित उत्तरायणी मेले में करुणा ट्रस्ट ने शिविर लगाकर करीब पांच हजार लोगों का निशुल्क उपचार किया था। लोगों को निशुल्क दवा वितरित की थी। --::- "खाती और धुर से अस्पताल में एक वर्ष के भीतर 7560 मरीजों का निशुल्क उपचार किया गया है। संस्था की मंशा है कि अब न्यूनतम पंजीकरण शुल्क लगाया जाए। इस धनराशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाएं जुटाने में किया जाएगा। लोगों को मुफ्त इलाज और दवा की सुविधा मिलती रहेगी।" - एनबी अवस्थी, परियोजना कंसलटेंट हंस फाउंडेशन।
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खातीगांव अस्पताल का दवा भंडार। - फोटो : Amar Ujala
खातीगांव अस्पताल का दवा भंडार।
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