बागेश्वर में पर्किंग सुविधा के अभाव में सड़क किनारे खड़े वाहन। संवाद
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला मुख्यालय में पार्किंग सुविधाओं के अभाव के चलते जाम लगना आम बात है। बागेश्वर पालिका क्षेत्र में बन रही दो मंजिली पार्किंग का काम दो साल से रुका पड़ा है। पालिका प्रशासन के मुताबिक बजट के अभाव में पार्किंग का निर्माण लटका है। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि वह छह बार शासन को पत्र भेजकर रुके हुए बजट को जारी करने की मांग कर चुके हैं।
जिला मुख्यालय के गरुड़ रोड पर वर्ष 2020 से 2.12 करोड़ रुपये की लागत से दोमंजिली पार्किंग का निर्माण हो रहा था। 60 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग के लिए अब तक शासन से मात्र 50 लाख रुपये मिले हैं। इस रकम का उपयोग हो गया है। शेष 1.62 करोड़ रुपये जारी न होने से दो साल से पार्किंग का काम रुका है।
नगरपालिका बागेश्वर नगर में दो स्थानों पर खुली पार्किंग का संचालन करती है। नगर में दो निजी पार्किंगों का भी संचालन हो रहा है, हालांकि वाहनों के दबाव के चलते ये नाकाफी है। दिन के समय में नगर में भारी वाहन और व्यावसायिक चौपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। बावजूद इसके नगर की सड़कें जाम से जकड़ी रहती हैं।
कोट
पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल का कहना है कि दोमंजिली पार्किंग की अवशेष धनराशि न मिलने से काम रुका हुआ है। मैंने छह बार शासन को रुके हुए बजट के लिए पत्र भेजा है लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। शासन से लगातार पत्राचार जारी रहेगा।
नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों का चालान
बागेश्वर। पुलिस ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने और नो पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने पर 12 वाहनों का चालान किया। पांच वाहनों का इसमें से कोर्ट का चालान किया गया। वहीं, पुलिस ने एक व्यक्ति को उसका खोया हुआ मोबाइल फोन लौटा दिया है।