बागेश्वर में वर्ष 2026 में जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी करीब 132 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के धरातल पर उतरने वाली है। लंबे समय से किराये के भवन में संचालित हो रहे केंद्रीय विद्यालय को अपना परिसर मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को क्रिटिकल केयर यूनिट और ब्लड सेपरेशन जैसे आधुनिक तंत्र से मजबूती मिलेगी। जिले के दूरस्थ गांवों की प्यास बुझाने के लिए आधा दर्जन से अधिक पंपिंग योजनाओं का काम भी इसी वर्ष पूरा होने जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी बेहतर
जिले में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए वर्ष 2026 मील का पत्थर साबित होगा। स्थापना के बाद से ही किराए के कमरों में चल रहे केंद्रीय विद्यालय का 27 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन भवन इसी वर्ष पूरा हो जाएगा। जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक माहौल मिल सकेगा। जिले के खोली में 20 करोड़ रुपये की लागत से बन रही क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण कार्य पूरा होगा। इसके साथ ही जिला अस्पताल में पूर्व से तैयार ब्लड सेपरेशन यूनिट में 40 लाख रुपये के आधुनिक उपकरण स्थापित कर इसका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। जिससे रक्त संबंधी गंभीर रोगों के इलाज में बड़ी मदद मिलेगी।
पेयजल संकट से गांवों को मिलेगी राहत
पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए जल निगम की 29 करोड़ रुपये की लागत से कांडा पंपिंग योजना का कार्य पूरा होगा। योजना से क्षेत्र के 89 गांवों की आबादी लाभान्वित होगी। 18.55 करोड़ रुपये की लागत से तरमोली और 18.01 करोड़ रुपये की लागत से बन रही बैड़ा मझेड़ा पंपिंग योजना का कार्य भी इसी वर्ष पूर्ण होगा। गनीगांव पंपिंग योजना 5.98 करोड़ रुपये, देवलचौंरा पंपिंग योजना 2.75 करोड़ रुपये और झोपड़ा पंपिंग योजना 2.50 करोड़ रुपये के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के हर घर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं में होगा सुधार
नगरपालिका बागेश्वर भी वर्ष 2026 में शहरवासियों को कई नए उपहार देने जा रही है। नगर में दो करोड़ रुपये की लागत से रजत जयंती पार्क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। 22 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार बच्चा पार्क का औपचारिक शुभारंभ होगा। कूड़ा निस्तारण की समस्या को हल करने के लिए तीन करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण किया जाएगा। पिछले 12 वर्षों से बजट और अन्य तकनीकी कारणों से अधर में लटका रैन बसेरा भी एक करोड़ रुपये की लागत से आखिरकार पूरा होकर यात्रियों की सेवा के लिए तैयार हो जाएगा।
वर्ष 2026 में जिले में निर्माणाधीन 132 की योजनाओं को हर हाल में पूरा कर जिलेवासियों को विकास की सौगात दी जाएगी। संबंधित विभागों को तय समय पर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। - आकांक्षा कोंडे, डीएम बागेश्वर