बागेश्वर के बागनाथ मंदिर में भगवान शिव को घी का आवरण ओढ़ाते मंदिर कमेटी के सदस्य। संवाद
बागेश्वर। त्रिमाघी (माघ मास के तीन स्नान) के बाद भगवान बागनाथ ने घी का आवरण ओढ़ लिया है। एक महीने तक भोलेनाथ इसी रूप में भक्तों को दर्शन देंगे। फाल्गुन महीने की पहली तिथि को शिवलिंग से घी का आवरण हटाया जाएगा।
हर साल माघ मास की तीसरी तिथि को बागनाथ को गाय के घी के आवरण से ढक दिया जाता है। इसमें करीब सात किलो घी प्रयोग होता है। बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पुजारी नंदन सिंह रावल ने बताया कि पौराणिक कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति के बाद से एक महीने के लिए भगवान शिव गुफा में जाकर तपस्या करते हैं। इसलिए शिवलिंग को भी घी का आवरण पहनाया जाता है। एक प्रकार से घी से गुफा का रूप दिया जाता है। वहां पर पुजारी भरत सिंह रावल, मोहन सिंह रावल, कमल रावल, चंदन सिंह गढि़या, राजा साह गंगोला, खीमानंद पंत आदि थे।