बागेश्वर। जिले में लंपी के मामले थम नहीं रहे हैं। मवेशियों के संक्रमित होने के साथ-साथ मौत के आंकड़े भी बढ़ रहे हैं। बीमारी से अब तक 31 मवेशियों की मौत हो गई है जबकि 536 का इलाज चल रहा है। पशुपालन विभाग की ओर से गांव-गांव जाकर संक्रमित पशुओं का इलाज किया जा रहा है।
जिले में अब तक 2206 मवेशियों में लंपी के लक्षण मिले हैं। 1639 पशु इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। पशुपालन विभाग ने संक्रमण के फैलाव को देखते हुए शुरूआत में ही पशु चिकित्साधिकारियों के मोबाइल नंबर का गांव-गांव में प्रचार किया था। लोगों को अन्य माध्यमों से भी जागरूक किया जा रहा है। शुरुआत में लोगों ने बीमारी को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई थी। अब धीरे-धीरे लोग जागरूक होकर पशुओं का इलाज कराने लगे हैं।
इधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आर चंद्रा ने बताया कि विभाग संक्रमित पशुओं की जांच और इलाज करने के साथ-साथ टीकाकरण भी करा रहा है। रोजाना एक हजार से अधिक पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक जिले में 24,590 पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। उन्होंने पशुपालकों से वायरस की चपेट में आने वाले मवेशी को अन्य पशुओं से अलग रखने और जल्द पशु चिकित्सक या विभाग को सूचित करने की अपील की है। ताकि समय पर संक्रमित पशु का उपचार शुरू किया जा सके।