राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के प्रचार-प्रसार के लिए यहां विकास भवन सभागार में अपर जिलाधिकारी हरवीर सिंह ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि तमाम तरह की कठिनाइयों के चलते किसान खेती से विमुख हो रहे हैं। बीमा योजना के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहन और संरक्षण मिलेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जोतों का आकार लगातार कम हो रहा है। मौसम चक्र में बदलाव के कारण कृषि परआपदा की भी मार पड़ रही है।
फसलों को लगातार नुकसान होने के कारण लोग खेती से पलायन कर रहे हैं। किसान फसलों का बीमा करके इस नुकसान से बच सकते हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्य ने कर्मचारियों का आह्वान किया कि वह फसल बीमा के बारे में लोगों को जागरूक करें।
बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि खरीफ की धान, मडुवा आदि फसलों का बीमा कराकर किसान नुकसान से बच सकते हैं।
नाबार्ड के जिला प्रबंधक बीएस बिष्ट ने कहा कि बीमा योजना की सफलता के लिए बैंक प्रतिनिधियों और कृषि अधिकारियों के मध्य तालमेल आवश्यक है।
प्रगतिशील किसान पंकज कंसेरी और बहादुर सिंह ने कहा कि पहाड़ में फसलों को सबसे अधिक क्षति जंगली जानवरों से होती है।
बीमे में इसे शामिल किया जाना चाहिए। बीमा प्रतिनिधियों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से संपर्क करने का आश्वासन दिया।