बागेश्वर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गुंजन सिंह की अदालत ने मारपीट, गालीगलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को दोषमुक्त किया है। मामले में अभियोजन आरोपों को सिद्ध नहीं कर सका जिसका लाभ आरोपी को मिला।
कथानक के अनुसार वादी विशन राम निवासी गुनाकोट ने राजस्व उपनिरीक्षक अमसरकोट क्षेत्र को तहरीर देकर बताया कि 11 मई 2022 को उनके गांव में सीमी नरगोल से बरात आई थी। जहां आनंद राम, मनोज कुमार, संतोष कुमार निवासी सीमी नरगोल ने उसके साथ मारपीट, गालीगलौज की और उसे जान से मारने की धमकी दी। तहरीर के आधार पर राजस्व उपनिरीक्षक ने तीनों के खिलाफ धारा 323, 504 और 506 के तहत केस दर्ज किया।
विवेचना के दौरान आनंद राम के खिलाफ उक्त धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में तीन गवाह पेश कराए गए। आरोपी की ओर से अधिवक्ता हरीश चंद्र जोशी ने मामले की पैरवी की। न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करने का निर्णय सुनाया। संवाद