बागेश्वर। एक तरफ सरकार महिला सशक्तिकरण के नारे को मजबूत करने की बात करती है, मगर दूसरी ओर महिलाओं की सेहत की ही सरकार को परवाह नहीं। जिले में कुल 135719 महिलाओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी महज चार डाक्टरों पर हैं। जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ में तो महिला डाक्टर है ही नहीं। 2011 की जनगणना अनुसार जिले की जनसंख्या 259840 पहुंच गई है। जिसमें पुरुषों की संख्या 124116 जबकि महिलाओं की 135719 है। स्वास्थ्य सुविधा इतनी कमजोर है कि सबसे ज्यादा परेशानी प्रसव पीड़ित महिलाओं को होती है। श्याम लाल साह स्मारक जिला अस्पताल में दो, पीपीपी मोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ में एक एक महिला डाक्टर है। महिला डाक्टर नहीं होने के कारण महिलाओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांडा तहसील के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा, कपकोट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरसाली समेत कई अन्य अस्पतालों में महिला डाक्टर हैं ही नहीं। क्षेत्र के लोग डाक्टरों की तैनाती की मांग कई बार कर चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ। बागेश्वर के विधायक चंदन राम दास ने सरकार पर जिले की उपेक्षा का आरोप मढ़ा है। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. जेसी मंडल ने बताया कि डाक्टरों की तैनाती को उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि महिला डाक्टरों की तैनाती के लिए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से बात की है।