बागेश्वर। सरयू के उद्गम स्थल सरमूल को प्रमुख पर्यटन स्थलों के रूप में शामिल करने को लेकर शिक्षक दयाल सिंह कुमल्टा का प्रयास जारी है। देश के प्रमुख तीर्थों के साधु संतों से मिलकर यहां लौटे शिक्षक कुमल्टा ने बताया कि सरमूल के विकास के लिए झूनी तक सड़क निर्माण और मार्ग में ठहरने की सुविधा का होना जरूरी है। बताया कि सरयू नदी का महत्व पुराणों में भी है। इसके बावजूद सरयू नदी और उसका उद्गम स्थल लोगों की नजरों से दूर है। सरमूल की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, वृंदावन, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों में प्रचार-प्रसार करना होगा। सरमूल के विकास के लिए कर्णप्रयाग, देवाल, कुंवारी, बदियाकोट, चौड़ास्थल, सूपी होते हुए एक नया मार्ग तैयार करना चाहिए।