बागेश्वर। जिले में अग्निशमन कर्मियों और संसाधनों का टोटा है। यहां ढाई लाख की आबादी की अग्निशमन सुरक्षा की जिम्मेदारी महज 47 कर्मियों पर है। एफएसओ और एफएसएसओ से लेकर लीडिंग फायरमैन, फायरमैन जैसे कई महत्वपूूर्ण पद खाली हैं। कार्मिकों की कमी के साथ ही संसाधनों का भी टोटा है। जिले भर में 46 हाइड्रेंट की दरकार है। इसके सापेक्ष बागेश्वर में महज तीन हाइड्रेंट ही हैं। कपकोट और गरुड़ फायर स्टेशन पानी के लिए नदी और नहर पर निर्भर हैं। बड़े अग्निकांड की स्थिति में संसाधनों की कमी जानमाल पर भारी पड़ सकती है।