बागेश्वर। शिक्षा को सरल बनाने की दिशा में डिजीटलीकरण का योगदान बढ़ने लगा है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से शिक्षा को आधुनिक बनाने की कवायद तेज होने लगी है। जिले के दस सरकारी विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लास की स्वीकृति मिली है। बेसिक के छह और माध्यमिक के चार विद्यालयों के विद्यार्थी जल्द ही स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे।
स्मार्ट क्लास में विद्यार्थियों को ब्लैक बोर्ड की बजाय प्रोजेक्टर पर पढ़ाई करने की सुविधा मिलती है। वीडियो और चित्र के माध्यम से विषय को समझने में आसानी होती है। वहीं, शिक्षकों को भी पढ़ाने में अधिक दिक्कत नहीं उठानी पड़ती है। स्मार्ट क्लास के एक लाभ यह भी है कि अगर शिक्षक मौजूद न हो तो संबंधित विषय की वीडियो के माध्यम से भी बच्चे विषय की पढ़ाई कर सकते हैं। इंटरएक्टिव माध्यम से बच्चे कठिन से कठिन सवालों को भी आसानी से हल कर सकते हैं। संचार सुविधा से लैस स्मार्ट क्लास में बच्चे पल भर में कई जानकारी हासिल कर सकते हैं। स्मार्ट क्लास के माध्यम से शिक्षक बच्चों की उपस्थिति और अनुपस्थिति का रिकॉर्ड भी डिजिटल माध्यम से रख सकते हैं। शिक्षक इंटरनेट से जानकारी हासिल कर बच्चों को नई तकनीक और नया ज्ञान प्रदान कर सकते हैं।
इन विद्यालयों में होंगी स्मार्ट कक्षाएं
बागेश्वर। जिले में बेसिक स्तर पर राजूहा करुली, राउप्रावि मल्ला गोलना, राउप्रावि अमतौड़ा, राउप्रावि बनेगांव, राप्रावि चमड़थल, राप्रावि ढूंगापाटली और माध्यमिक स्तर पर राइंका सानिउडियार, राइंका भटखोला, राइंका स्यांकोट और राइंका कांडा में स्मार्ट क्लास के संचालन की स्वीकृति मिली है।
जिले के दस विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्वीकृति मिली है। चयनित विद्यालयों की दो-दो कक्षाओं को इंटरएक्टिव माध्यम से जोड़ा जाएगा। स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलने से विद्यार्थी और शिक्षक दोनों को पढ़ने और पढ़ाने में आसानी होगी।
जीएस सौन, सीईओ बागेश्वर।