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हाईवे पर 6 घंटे जाम, चाचा-मां ने की आत्मदाह की कोशिश

Thu, 10 Mar 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
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अमरोहा के अतरासी चौराहे पर जाम के दौरान पुलिस से बात करते मृतक छात्र के परिजन - फोटो : amar ujala
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छात्र दीपेंद्र उर्फ दीसू की केएसके एकेडमी में की गई हत्या के नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को जन आक्रोश भड़क उठा। कई गांवों के ग्रामीण, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता और छात्र के परिजनों ने नेशनल हाईवे के अतरासी चौराहे पर जाम लगा दिया।
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इस बीच छात्र के चाचा और मां ने एकाएक मिट्टी का तेल उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की। उन्हें पुलिस और ग्रामीणों ने किसी तरह रोका। भीड़ ने पुलिस अधिकारियों की गाड़ियों का घेराव भी किया। इस दौरान गजरौला पुलिस और डीएम-एसपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

अधिकारियों के 24 घंटे में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के आश्वासन पर करीब छह घंटे बाद ग्रामीण हाईवे से हटकर शहीद स्थल पर बैठ गए हैं। गिरफ्तारी नहीं होने पर 24 घंटे बाद फिर हाईवे जाम करने की चेतावनी भी दी है।
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गजरौला के केएसके एकेडमी में रजबपुर थाना क्षेत्र के गांव लंबिया निवासी किसान महेंद्र सिंह के पुत्र 12वीं के छात्र दीपेंद्र उर्फ दीसू की 29 फरवरी को हत्या कर दी गई थी। स्कूल प्रबंधक और स्टाफ फरार हो गया था। महेंद्र सिंह ने बेटे की हत्या की रिपोर्ट प्रबंधक रिंकू चाहल, प्रधानाचार्य और वार्डन के खिलाफ लिखाई थी। लेकिन दीपेंद्र हत्याकांड में शुरू से ही पुलिस केएसके एकेडमी प्रबंधक का पक्ष लेती दिखाई दे रही थी।

कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने पर डीएम ने कार्रवाई कराने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन इसके बाद थानाध्यक्ष गजरौला उपेंद्र यादव मृत छात्र के पिता महेंद्र सिंह पर ही 10-12 लाख रुपये लेकर फैसला करने का दबाव बनाने का आरोप लगाने लगे थे। डीएम ने मोबाइल का स्पीकर ऑन करके थानाध्यक्ष की आवाज सुनाई थी। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था।

हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी भी नहीं हो रही थी। इस पर बुधवार को लंबिया समेत आसपास के गांवों के ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। ग्रामीणों के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता परिजनों को साथ लेकर अतरासी चौराहे पर पहुंच गए। यहां चक्काजाम कर दिया।

दोपहर 12 बजे लगाए गए जाम में ग्रामीणों की भीड़ बढ़ती चली गई। इस बीच छात्र के चाचा और मां शिमला ने मिट्टी का तेल उड़ेलकर आत्मदाह की भी कोशिश की। लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें बचा लिया। हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने जाम से जबरन गाड़ी निकालने पर पुलिस अधिकारियों और हसनपुर में मुकदमे की पैरवी को ले जाए जा रहे बंदियों की गाड़ी रोककर घेराव भी किया। गजरौला पुलिस और डीएम एसपी के खिलाफ भी नारेबाजी की। 

24 घंटे में गिरफ्तारी के आश्वासन पर माने
जाम लगाए ग्रामीणों को अपर पुलिस अधीक्षक विजय गौतम ने करीब तीन घंटे बाद पहुंचकर बमुश्किल समझाया। पहले 48 घंटे फिर नोकझोंक के बाद 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार कर लेने के आश्वासन पर ग्रामीण हाईवे से हटे। ग्रामीण शहीद स्मारक में बैठ गए हैं। 24 घंटे पूरे होने पर गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर हाईवे जाम कर देंगे। 

ग्रामीणों को 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी करने का आश्वासन दे दिया है। इसके बाद हाईवे से जाम खत्म कर दिया गया है। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।-विजय गौतम एएसपी 
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