गांव जीरखी के अंकुर चौहान की मौत की गुत्थी हत्या-आत्महत्या के बीच उलझ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार युवक की मौत सुबह सात बजे हो गई थी जबकि उसके पिता के मोबाइल पर जो एसएमएस प्राप्त हुआ था, उसका समय सुबह साढ़े सात बजे था। इससे अंकुर की मौत के आधा घंटा बाद मैसेज भेजे जाने का अनुमान लगाया जा रहा है।
नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव जीरखी निवासी अंकुर चौहान (20) पुत्र सत्यवीर चौहान मुरादाबाद में विजय इलेक्ट्रानिक कंपनी में काम करता था। यह कंपनी विद्युत विभाग के लिए विद्युत लाइन बिछाने का काम करती है। 18 जनवरी को कंपनी का तार चोरी होने का आरोप अंकुर पर लगाया गया था।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अंकुर ने पिता से मोबाइल पर बात की थी। मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पिता के मोबाइल पर मैसेज आया कि मेरी लाश जटीवन में पेड़ पर लटकी है, उतार कर ले जाओ। पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बुधवार दोपहर एक बजे पोस्टमार्टम होने की प्रक्रिया पूरी की गई।
पीएम रिपोर्ट के अनुसार पीएम होने तक युवक की मौत को तीस घंटे का समय हो चुका था, यानी अंकुर की मौत मंगलवार की सुबह सात बजे हुई, जबकि पिता के मोबाइल पर जो मैसेज मिला, उसका समय सुबह साढ़े सात बजे था। यानी अंकुर की मौत के आधा घंटा बाद मैसेज भेजा गया।
मतलब साफ है, हत्यारों ने मौत से पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही मैसेज भेजा था। मृतक के भाई मनवीर सिंह ने भी अंग्रेजी में भेजे गए मैसेज और सुसाइड नोट की राइटिंग पर सवाल खड़े करते हुए भाई की हत्या की आशंका जताई है।
सुसाइड नोट की जांच की मांग
अमरोहा। गांव जीरखी निवासी मनवीर सिंह चौहान ने थाना नौगावां सादात में तहरीर देकर हत्या की आशंका जाहिर की है।
साथ ही किस इलाके से मैसेज भेजा गया इसका पता लगाने के साथ, सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराए जाने की भी मांग की है। मनवीर सिंह, मृतक अंकुर से बड़ा था। उसका कहना है कि अंकुर हिम्मती था। घरवालों को उस पर लगे चोरी के आरोप पर भी यकीन नहीं है।
ब्रजघाट पर किया गया अंतिम संस्कार
अमरोहा। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही अंकुर की लाश घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुराहाल था। शाम के समय गंगा ब्रजघाट पर अंकुर के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।