गजरौला । आखिर वही हुआ जिसका अंदेशा था। पुलिस की सारी तैयारियां और मेहनत धरी की धरी रह गई। लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे 24 फिर जाम की चपेट में आ गया। पंद्रह घंटे तक वाहन रेंग-रेंगकर गुजरे। इस दौरान जाम में फंसे यात्रियों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को बुद्ध पूर्णिमा पर जाम से निपटने के लिए पुलिस काफी मुस्तैद थी। शनिवार की मध्यरात्रि को ही सुल्तानठेर से आगे डिवाइडर के कट पर पुलिस तैनात कर दी गई थी, लेकिन एक नैनो चालक की लापरवाही से हालात बिगड़ गए। हुआ यह कि दिल्ली की ओर जा रही नैनो के चालक ने गाड़ी ट्रक से ओवरटेक करनी चाही। इस पर ट्रक वाले को गुस्सा आ गया और उसने ट्रक बीच सड़क पर रोक दिया। इसके बाद जाम लगना शुरू हो गया। लगभग पंद्रह घंटे तक जाम अपने यौवन पर रहा। जाम में फंसी बसों में सवार यात्रियों में खासकर महिलाओं और बच्चों की हालत काफी खराब रही। भीषण गर्मी में एक-एक मिनट काटना उनके लिए मुसीबत जैसा था। सुबह लगभग साढ़े सात बजे जीरो बंधे पर तैनात एक सिपाही की लापरवाही से हालात और बिगड़ गए। उसने छोटी गाड़ियों को डिवाइडर के अवैध कट से दिल्ली की दिशा की ओर छोड़ दिया। इससे एक साथ कई गाड़ियां ब्रजघाट पुल से पूर्व चौकी पर आकर फंस गईं। इससे जाम की समस्या और गहरा गई। बाद में थानाध्यक्ष आरपी यादव भी मौके पर पहुंचे और लाठियां फटकार वाहनों को एक कतार मे लगवाया। शाम चार बजे के बाद ही हाईवे को जाम से मुक्ति मिली। हालांकि, ब्रजघाट पुल पर वाहन रेंग-रेंगकर ही गुजर रहे थे।