अमरोहा। शहरी राष्ट्रीय फेरी नीति के तहत सड़क-फुटपाथ एवं सार्वजनिक स्थानों पर फड, ठेलें, खोखे आदि लगाने वालों के लिए अब लाइसेंस लेना अनिवार्य हो जाएगा। इसके लिए नगर पालिका के टेक्स विभाग में वार्षिक शुल्क जमा करना होगा। नीति को लागू करने से पहले शहरियों से आपत्तियां मांगी गई हैं, इनके निस्तारण के बाद नई व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शहरी विकास एवं गरीबी उपशमन मंत्रालय भारत सरकार की शहरी राष्ट्रीय फेरी नीति के तहत वैंडरों को सम्मानजनक अवसर देने की मंशा जल्द होगी। इसके लिए नगर पालिका द्वारा तैयार किया गया बॉयलाज बोर्ड की बैठक में पास हो चुका है और अब इसके लिए आपत्ति मांगने की तैयारी की जा रही है। आपत्ति निस्तारण के बाद नीति लागू कर दी जाएगी, इस कार्य में महीनाभर लगेगा। शहरी राष्ट्रीय फेरी नीति के तहत कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेंस के सड़क, सड़क पटरी, सार्वजनिक स्थानों पर स्थिर या अस्थिर संरचना, चलती फिरती दुकान, वाहन, सिर पर सामान रखकर बेचने या प्रदर्शित करने, सेवा प्रदान करने का कारोबार नहीं कर सकेगा। इसके लिए निर्धारित पंजीकरण शुल्क देकर लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस धारक पालिका की सीमा में तीन वर्ग मीटर भूमि का ही उपयोग कर सकेगा।
-इस प्रकार रहेगा लाइसेंस शुल्क
-पंजीकरण शुल्क 100 रुपए प्रति तीन वर्ष के लिए
-स्थिर शुल्क 600 रुपए प्रति वर्ष
-अस्थिर शुल्क 1200 रुपए प्रति वर्ष
-मोटर वाहन या पशु वाहन पर शुल्क 1200 रुपए प्रति वर्ष
-विशेष अवसर जैसे त्यौहार, मेला, उत्सव आदि के लिए अलग से शुल्क निर्धारित किया जाएगा