रानीखेत (अल्मोड़ा)। घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने कहा घरेलू हिंसा के खिलाफ महिलाओं को मुखर होना होगा। महिलाओं को झिझक छोड़ कानूनों का सहारा लेकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी होगी। कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 16 जन संगठनों से जुड़ी 32 महिला प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यहां लोक चेतना मंच के कार्यालय परिसर में आयोजित दो दिनी कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर घरेलू हिंसा पर विस्तार से चर्चा हुई। महिला आयोग उपाध्यक्ष ज्योति साह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में कई महिलाएं जानकारी के अभाव में घरेलू हिंसा जैसी कुरीतियों का शिकार हो जाती हैं। उन्होंने इसके लिए बने कानूनों के बारे में महिला प्रतिनिधियों को जानकारी दी और ग्रामीण महिलाओं को जागरूक करने का आह्वान किया।
कहा कि मातृ शक्ति को अन्याय, उत्पीड़न और शोषण से बचाने के लिए भी संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों से बगैर घबराए उसका सामना करना चाहिए, कानून का सहारा लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोक चेतना मंच घरेलू हिंसा और महिला जागरूकता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंच के प्रयासों की भी सराहना की गई। सीडब्ल्यूसी सदस्य मीना मीता उपाध्याय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला संगठनों को सशक्त बनाना होगा।
लोक चेतना मंच के जोगेंद्र बिष्ट ने सरकारों के तमाम सर्वे में घरेलू हिंसा का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है लेकिन कानून होने के बाद भी लाभ पीड़ितों को नहीं मिल पा रहा। कार्यशाला से महिलाएं जरूर जागरूक होंगी और अपने अधिकारों के लिए सजग रहेंगी। वहां मंच की निदेशक माालती हालदार, कैलाश बिष्ट, आयुषी ने भी सहयोग किया।