बैजनाथ बैराज का पानी निर्माणाधीन पुरुड़ा पंपिंग योजना में भरा
केपीसीएल कंपनी को लाखों का नुकसान, मजदूरों से भागकर बचाई जान
गरुड़ (बागेश्वर)। मौसम खराब होने के मद्देनजर सिंचाई विभाग ने बिना पूर्व सूचना बैजनाथ बैराज को खाली कर दिया। इससे गोमती नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और बैराज से 500 मीटर दूर निर्माणाधीन पंपिंग योजना में काम कर रहे श्रमिक बाल.बाल बचे। केपीसीएल कंपनी के मुताबिक उसे लाखों का नुकसान पहुंचा है।
सिंचाई विभाग ने बैजनाथ बैराज के गेट रविवार दोपहर खोल दिये। बैराज से 500 दूर केपीसीएल कंपनी के कई श्रमिक गोमती नदी में पंपिंग योजना का निर्माण कार्य कर रहे थे। नदी का जलस्तर बढ़ने से नेपाली श्रमिकों ने भागकर अपनी जांच बचाई। बैराज के पानी से निर्माणाधीन पंपिंग योजना स्थल जलमग्न हो गया है।
कोट
बिना पूर्व सूचना के सिंचाई विभाग ने बैराज के गेट खोल दिये। जिससे कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। नेपाली श्रमिक निर्माण स्थल से भागते नहीं तो बहुत बड़ी घटना घटती। राजू उपाध्याय, प्रोजेक्ट मैनेजर केपीसीएल
कुछ दिन पहले बैजनाथ झील में किसी स्थानीय व्यक्ति का कीमती सामान गिर गया था। इसमें आईडी भी थी। बागेश्वर के उत्तरायणी मेले को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से तब झील के पानी की निकासी नहीं की गई। रविवार शाम को झील के पानी की निकासी की गई। निकासी काफी धीरे.धीरे की गई। पंपिंग योजना को नुकसान होने की जानकारी नहीं है।
नरेंद्र सिंह बिष्ट जेई, सिंचाई विभाग