रानीखेत (अल्मोड़ा)। 2018 में बनकर तैयारी हुई चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना का पांच साल भी हस्तांतरण नहीं हुआ है जिस कारण योजना के रखरखाव में भारी दिक्कतें आ रहीं हैं। योजना से चिलियानौला नगर पालिका सहित ताड़ीखेत विकासखंड की 28 ग्राम पंचायतें जुड़ी हैं। हालांकि जल संस्थान इससे पानी बांटता है लेकिन पर्याप्त आपूर्ति न हो पाने की शिकायतें कई बार आतीं हैं। हस्तांतरण की यह प्रक्रिया जल संस्थान और जल निगम के बीच की लड़ाई बनकर रह गई है।
गगास-ताड़ीखेत पेयजल योजना वर्ष 1973 में बनी थी। इस योजना से सेना के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पानी बंटता था, आए दिन पानी की किल्लत से ग्रामीण परेशान रहते थे। वर्ष 2013 में चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल पंपिंग योजना की घोषणा हुई। 21 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस योजना से 28 ग्राम पंचायतों को लाभ दिया गया और इससे चिलियानौला नगर पालिका क्षेत्र भी जुड़ा हुआ है लेकिन योजना का पांच साल बाद भी हस्तांतरण नहीं हो सका है।
जल निगम ने योजना बनाई पंपिंग कर जल संस्थान को देती है। इसके बावजूद पानी की किल्लत बनी रहती है। जल संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि योजना से मात्र पांच घंटे की पंपिंग हो रही है। पानी कम मिलने से गांवों में पर्याप्त आपूर्ति में दिक्कतें आतीं हैं। कम से कम 16 घंटे की पंपिंग होगी तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था हो जाएगी। कहा कि हैडरों में पुराने संयोजनों को नहीं जोड़ा गया है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि योजना में कोई खामी नहीं है। आठ घंटे पंपिंग की जा रही है। इसके आगणन में हैडर बनाने की बात नहीं थी, फिर भी चिलियानौला में 24 हैडर बनाए हैं। चिलियानौला नगर पालिका में इस योजना से 840 संयोजन हैं।
चिलियानौला ग्राम समूह पेयजल योजना के आईवेल में कई तकनीकी खामी है। गर्मियों में पांच घंटे भी पानी नहीं चलता। मुख्य जलाशय तक योजना को हैंडओवर करने के प्रयास चल रहे हैं। बाकी गांवों में कई जल जीवन मिशन के तहत कार्य हुए हैं, ग्राम सभाओं को योजना का हस्तांतरण जल निगम ही कराएगा। -सुरेश ठाकुर, ईई, जल संस्थान, चिलियानौला, रानीखेत।
जल संस्थान पानी बांट रहा है और उन्हें बैठे बिठाए राजस्व मिल रहा है तो वह क्यों योजना के हस्तांतरण की कार्यवाही करेंगे। योजना में कोई खराबी नहीं है। हर बार नए बहाने बना दिए जाते हैं। आठ घंटे की पंपिंग कर रहे हैं। आईवेल भी ठीक बना है। हम वर्ष 2018 से ही योजना को हस्तांतरित करने की बात कह रहे हैं। -पंकज कुमार, जेई, जल निगम, रानीखेत।