जिला अस्पताल में मौजूद लिफ्ट। संवाद
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में आउटसोर्स कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाते ही यहां व्यवस्था बिगड़ गई है। हालात ये हैं कि इंजेक्शन लगाने वाले वार्ड ब्वाय को बगैर प्रशिक्षण के लिफ्ट का संचालन करना पड़ रहा है। ऐसे में लिफ्ट संचालन का ज्ञान नहीं होने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
जिला अस्पताल में रोगियों को ऑपरेशन थिएटर और वार्डों तक पहुंचाने के लिए लिफ्ट का संचालन होता है। तीन दिन पूर्व लिफ्ट संचालन के लिए आउटसोर्स से तैनात चार कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उनकी सेवा समाप्त करते ही यहां व्यवस्थाएं बिगड़ गई हैं।
लिफ्ट संचालन के लिए कर्मी नहीं होने पर वार्ड ब्वाय की तैनाती की गई है। ऐसे में मरीजों को इंजेक्शन लगाने वाला स्वास्थ्य कर्मी लिफ्ट संचालन कर रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावे हो रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में पूछे जाने पर अधिकारी कन्नी काट रहे हैं।
बगैर प्रशिक्षण के लिफ्ट का संचालन बन सकता है खतरा
अल्मोड़ा। जिला अस्पताल में लिफ्ट संचालन के लिए पूर्व में प्रशिक्षित तकनीशियन की तैनाती की गई थी लेकिन उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। ऐसे में अब वार्ड ब्वाय की तैनाती वहां की गई है जिनका लिफ्ट संचालन से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं रहा है। ऐसे में यदि किसी गंभीर रोगी के ओटी पहुंचाने के समय लिफ्ट में तकनीकी खराबी आ गई तो उसकी जान पर भी बन आ सकती है।
कुछ कर्मियों की कंपनी ने सेवा समाप्त की है। यदि वार्ड ब्वाय की तैनाती लिफ्ट संचालन में की गई है तो यह गलत है। इस व्यवस्था को जल्द सुधारा जाएगा। - डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।