बागेश्वर। क्षेत्र की उपेक्षा और रामगंगा नदी पर ध्वस्त हो चुके झूलापुल के पुनर्निर्माण में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। शुक्रवार को पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण समेत स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर पुल निर्माण की सुस्त रफ्तार पर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई 2018 में अतिवृष्टि के दौरान उफनाई रामगंगा के तेज बहाव में भकुना से नाचनी बाजार के बीच बना झूलापुल जमींदोज हो गया था। पुल टूटने के बाद से अब तक करीब नौ साल बीत चुके हैं लेकिन सरकार ने इसके पुनर्निर्माण की सुध नहीं ली। पुल न होने के कारण महरगाड़ घाटी के कई गांवों का संपर्क मुख्य बाजार से कट चुका है। पूर्व विधायक फर्स्वाण ने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का गांव नामतीचेटाबगड़ भी इस पुल के अभाव में भारी दिक्कतों का सामना कर रहा है। उन्होंने स्थानीय विधायक सुरेश गढ़िया पर भी तंज कसते हुए कहा कि क्षेत्र में विकास की बातें तो बहुत हो रही हैं लेकिन धरातल पर पुल का काम अब तक अधूरा है। पूर्व ग्राम प्रधान लक्ष्मण सिंह कोश्यारी ने बताया कि कालापैरकापड़ी, भकुना, नामतीचेटाबगड़, किसमिला और सुखचौना जैसे दर्जनों गांवों के लिए नाचनी बाजार ही मुख्य केंद्र है। पुल के अभाव में लोग ट्राली के जरिये नदी पार करने को मजबूर हैं।