द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) और राज्य आंदोलनकारियों की बैठक में स्थानीय समस्याएं सुलझाने की मांग की गई। वक्ताओं ने पेयजल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थिति सुधारने के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। सरकार पर बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (बीटीकेेआईटी) की अनदेखी का आरोप लगाया गया। कहा कि नियमित स्टाफ न होने के कारण छात्र संख्या निरंतर घट रही है लेकिन सरकार समस्या नहीं सुलझा रही।
राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष मनोज अधिकारी की अध्यक्षता में नगर पंचायत सभागार में बैठक हुई। इसमें क्षेत्र में पेयजलापूर्ति बढ़ाने की मांग की गई। सीएचसी द्वाराहाट की बदहाली के कारण यहां से मरीजों को निरंतर रेफर करने पर चिंता जताई गई। मुख्य रूप से बीटीकेेआईटी की बदहाली पर गहरा आक्रोश जताया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार इस संस्थान की अनदेखी कर रही है। इसी विगत आठ वर्षों से संस्थान में स्थायी निदेशक नहीं है। टीचिंग स्टाफ की स्थायी नियुक्तियां नहीं हो पा रहीं हैं। तकनीकी स्टाफ न होने के कारण छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निरंतर छात्र संख्या घट रही है। इसके बाद भी सरकार संसाधन नहीं बढ़ा रही है।
नगर पंचायत सहित आसपास के क्षेत्र में पेयजल पंपिंग योजना से पानी की नियमित आपूर्ति न होने पर भी आक्रोश जताया गया। भर्ती प्रक्रियाओं के पेपर लीक होने की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई। वीरेंद्र बजेठा ने संचालन किया। बैठक में पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, मोहन चंद्र तिवारी, चंदन नेगी, गोपाल सिंह राणा, महेश पंत, दान सिंह राणा, बिपिन पंत, चंद्रशेखर जोशी आदि थे।