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Uttarakhand: राज्य की महिलाओं का दर्द बढ़ा रहा स्तन कैंसर, पांच सालों में करीब तीन हजार की मौत; जानिए कारण

Thu, 26 Sep 2024 11:31 AM IST
हीरा मेहरा हेमंत बिष्ट, संवाद

सार

उत्तराखंड में महिलाओं में स्तन कैंसर तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड में 2019 से 2023 तक 8,841 महिलाएं इस रोग से जूझ रही हैं। करीब 3289 महिलाओं की मौत हो चुकी है। 
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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राज्य में महिलाओं में स्तन कैंसर तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उत्तराखंड में 2019 से 2023 तक 8,841 महिलाएं इस रोग से जूझ रही हैं। करीब 3289 महिलाओं की मौत हो चुकी है। मेडिकल काॅलेज अल्मोड़ा के ऑन्कोलॉजिस्ट असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.राहुल सिंह ने बताया कि इस बीमारी का प्रभाव बढ़ने की स्थिति में स्तन में शुरुआत में गांठ बनती है, जो बाद में ट्यूमर का रूप ले लेती है। इसमें मरीज को सर्जरी और कीमोथैरेपी से इलाज दिया जाता है। जनवरी से अब तक 10 से ज्यादा मरीजों का उपचार किया जा चुका है। मामला ज्यादा गंभीर होने पर मरीज को हायर सेंटर भी रेफर करना पड़ता है। 

कारण

यह बीमारी अधिकतर आनुवांशिक होती है। तेजी से बदल रही जीवनशैली और खानपान का तरीका भी इसका कारण बनता है। खासतौर पर महिलाओं में शिशुओं को स्तनपान कराने की घटती आदत भी इसका प्रमुख कारण माना गया है। चिकित्सकों की सलाह है कि महिलाओं को शिशुओं को स्तनपान जरूर कराना चाहिए।

कुमाऊं के चार जिलों में स्तन कैंसर के मामले (प्रतिवर्ष)

अल्मोड़ा         15-20

बागेश्वर           8- 9

चंपावत          5-6

 

पिथौरागढ़     10- 12

स्तन कैंसर से ग्रस्त महिलाएं

2019 - 1678

 

2020 - 1723

2021 - 1768

2022 - 1813

2023 - 1859

 

स्तन कैंसर से ग्रस्त महिलाओं की मृत्यु

 

2019 - 624

2020 - 641

2021 - 658

2022 - 674

 

2023 - 692

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महिलाओं को स्तन कैंसर से बचने के लिए संतुलित आहार जरूरी है। ऐसी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से जांच कराएं।
- डॉ. आरसी पंत सीएमओ, अल्मोड़ा

मेडिकल काॅलेज के अधीन बेस अस्पताल में महिलाओं को विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार दिया जा रहा है। जिस किसी भी मरीज को शिकायत हो, उसे बिना समय गंवाए विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाना चाहिए।

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- प्रो. सीपी भैंसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।

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