रानीखेत (अल्मोड़ा)। वर्षों से अधर में लटकी महरौली-चित्तोड़खाल शेष सात किमी सड़क निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के लंबे संघर्ष के बाद अब सड़क की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। मोटरमार्ग से सुदूर गढ़वाल सीमा से लगे आधा दर्जन से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। महरौली-चित्तोड़खाल 12 किमी मोटर मार्ग कई साल पहले स्वीकृत हुआ था। गढ़वाल सीमा से सटे आधा दर्जन से अधिक गांवों को लाभ देने की योजना थी। बताया जा रहा है कि कनारीथोड़ तक पांच किमी सड़क आठ साल पहले कट चुकी थी, लेकिन इसके बाद निर्माण अधर में लटक गया। तभी से ग्रामीण लगातार आंदोलन कर संघर्ष कर रहे थे। इधर अब सात किमी सड़क की भी वित्तीय स्वीकृति मिलने से सीमावर्ती गांवों को लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष कुँवर सिंह कठायत, पूर्व प्रमुख गंगा पंचोली, प्रधान दीपा देवी, नीमा, बीना रावत, प्रदीप सिंह, पूर्व प्रधान हीरा सिंह रावत आदि ने इसके लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड रानीखेत का आभार जताया है। सहायक अभियंता केएस बिष्ट ने बताया कि मार्ग निर्माण के लिए निविदाएं आमंत्रित कर दो महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। -----ये गांव होंगे लाभान्वित ::: बिसराखेत, कनारीथोड़, मल्ली, तल्ली महरौली, गोगनया वासीसीम, मंगरुखाल, रुडोली, सराइखेत, कलझीपा।