अल्मोड़ा। हिमालयी जैव विविधता, वन्यजीव और प्राकृतिक विरासत को अब एक नए प्रतीक चिह्न के जरिये पहचान मिलेगी। देहरादून में आयोजित वन्यजीव सप्ताह 2026 के समापन समारोह में बिनसर वन्यजीव अभयारण्य के नए प्रतीक चिह्न का अनावरण राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने किया। प्रतीक चिह्न में बिनसर के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव को बेहद आकर्षक ढंग से समेटा गया है। बिनसर वन्यजीव अभयारण्य, अल्मोड़ा के प्रतीक चिह्न के लिए 19 से 30 सितंबर तक प्रतिभागियों से आवेदन मांगे गए थे। कुल 29 आवेदनों में हल्द्वानी निवासी चैतन्य पांडे के डिजाइन को उत्कृष्ट पाया गया। बिनसर (बीएनएसएआर) के प्रतीक चिह्न में बी के भीतर उगता सूरज, पर्वत और वनाच्छादित भूमि हिमालयी परिवेश को दर्शाते हैं। आई को हिमालयी शंकुधारी वृक्ष के आकार में बनाया गया है। वहीं एन में भारतीय मुंटजैक यानी हिरन की आकृति बिनसर के वन्यजीवों का प्रतिनिधित्व करती है। एस नदी के रूप में अभयारण्य के प्राकृतिक जलस्रोतों को दर्शाता है जबकि ए आसपास की हिमालयी पर्वत शृंखलाओं का दृश्य उकेरता है। अंतिम आर में हिमालयी मोनाल को स्थान दिया गया है। सिविल सोयल के प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार धौलाखंडी ने कहा कि प्रतीक चिह्न बिनसर की पहचान, जैव विविधता और प्राकृतिक विरासत को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। वहां सांसद नरेश बंसल, उत्तराखंड प्रमुख वन संरक्षक कपिल लाल, वन संरक्षक मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक नीना ग्रेवाल, अपर प्रमुख वन संरक्षक विवेक पांडे आदि मौजूद रहे।