अल्मोड़ा। सरकार युवाओं के कल्याण के लिए तमाम दावे कर रही है। लेकिन जिला युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग खुद ही युवा कल्याण अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। जिले में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के सात पद रिक्त चल रहे हैैं। ऐसे में बगैर अधिकारियों के युवाओं के कल्याण के लिए संचालित योजनाएं परवान नहीं चढ़ पा रही हैं।
जिले में जिला युवा कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग में क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी (बीओ) के 11 पद स्वीकृत हैं। जिसके सापेक्ष हवालबाग, चौखुटिया, ताकुला, ताड़ीखेत, लमगड़ा, स्याल्दे, सल्ट में ये पद रिक्त हैं। इन विकास खंडों में प्रभारियों के भरोसे युवाओं के कल्याण की योजनाएं जैसे-तैसे संचालित हो रही हैं। भैसियाछाना, धौलादेवी, द्वाराहाट, भिकियासैंण के बीओ को अन्य विकासखंडों का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। ऐसे में विभाग के लिए बगैर अधिकारियों के युवाओं के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का सफल संचालन करना चुनौती बन गया है। संवाद
खेल मैदान स्वीकृत, बीओ की कमी से नीं हो रही भूमि की तलाश
अल्मोड़ा। जिले में सात मिनी स्टेडियम और 15 छोटे खेल मैदान की स्वीकृति मिली है। इनके निर्माण की जिम्मेदारी युवा कल्याण विभाग की है। विभाग के लिए बगैर क्षेत्रीय अधिकारियों के इन खेल मैदानों के लिए भूमि की तलाश करना चुनौती बन गया है। ऐसे में इन मैदानों के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद कम है।
ये काम हो रहे प्रभावित
-पीरडी जवानों की ड्यूटी निर्धारण में दिक्कत आ रही है।
- खेल मैदानों का निरीक्षण, निर्माण आदि में परेशानी हो रही है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना चुनौती बन गया है।
-युवा और महिला मंगल दलों के गठन पर असर पड़ रहा है।
कोट
क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों के रिक्त पदों की जानकारी शासन को दी गई है। खाली पद पदों पर नियुक्तियां शासन स्तर पर संभव हैं। युवाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशांत कुमार चौहान, जिला युवा कल्याण अधिकारी, अल्मोड़ा।