अल्मोड़ा। स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) की ओर से जिला शिक्षा, प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में दो दिनी कौशलम पाठ्यचर्या शिक्षक अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई। डायट के प्राचार्य जीजी गोस्वामी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण कर उन्हें विभिन्न कौशलों से परिचित कराया जाना है। शिक्षकों को अर्जित ज्ञान को विद्यार्थियों तक पहुंचाना होगा।
सीमैट के विभागाध्यक्ष दिनेश चंद्र गौड़ ने कहा कि कौशलम कार्यक्रम में सिखाई जाने वाली उद्यमशील मानसिकता हमारे निजी जीवन के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को निराशा से डटकर सामना करना, अपनी रुचि को जानना, उन्हें निखारना, नया करने का साहस आदि क्रियाकलाप सिखाए जाते हैं। वरिष्ठ प्रवक्ता गोपाल सिंह गैड़ा ने कहा कि इस पाठ्यचर्या में उद्यमियों की कहानी के माध्यम से छात्रों को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
प्रवक्ता डॉ. दीपा जलाल ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य अपने आसपास के संसाधनों का उपयोग कर नई-नई चीजों के अनुभव को अजमाकर आत्मविश्वास बढ़ाना है। इस दौरान अशोक बनकोटी, एमएस भंडारी, डॉ. पवनेश ठकुराठी, प्रकाश भट्ट, डॉ. सरिता पांडे, डॉ. प्रकाश पंत, ललित मोहन पांडे, डॉ. हेम जोशी, डॉ. बीसी पांडे, प्रकाश भट्ट आदि रहे।