अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड में कटपतिया-कोल-मेरीटाक सड़क निर्माण के लिए छह साल पूर्व सर्वे किया गया। अब तक सड़क का अता-पता नहीं है। 10 से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए जरूरी इस सड़क का निर्माण नहीं हो सका है और यहां की आठ हजार से अधिक आबादी पैदल आवाजाही करने को मजबूर है।
ग्राम पंचायत कोल और सेलाकोट, रतेडी, ढूने, काने सहित 10 से अधिक गांवों तक सड़क पहुंचाने के लिए वर्ष 2016-17 में कटपतिया से मेरीटाक तक सात किमी सड़क का सर्वे किया गया था। तब इन गांवों की आठ हजार से अधिक की आबादी को उम्मीद थी कि उनके गांव सड़क के साथ ही विकास की मुख्य धारा से जुड़ सकेंगे। ग्रामीणों की यह उम्मीद अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है और वे मायूस हैं। छह साल बाद बाद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीण अस्पताल, मुख्य बाजार सहित अन्य स्थानों पर आवाजाही के लिए छह किमी दूर चेलनीछीना या फिर सात किमी दूर गुरुड़ाबांज की दौड़ लगाने को मजबूर हैं तब जाकर उन्हें वाहन नसीब हो रहा है। प्रधान कमला बहुगुणा ने कहा कि गांवों के विकास के लिए उन्हें सड़क से जोड़ने के दावे हो रहे हैं। बावजूद इसके क्षेत्र के सड़क से वंचित कई गांव इन दावों और बातों को खोखला साबित कर रहे हैं।
सड़क नहीं बनी तो करेंगे चुनाव का बहिष्कार
अल्मोड़ा। ग्रामीणों का सड़क का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सड़क नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही सड़क नहीं बनी तो वे आगामी लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे और इसका बहिष्कार करेंगे।
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बोले लोग
सड़क का निर्माण जल्द किया जाना चाहिए ताकि लोगों को यातायात सुविधा का लाभ मिल सके। विभाग और प्रशासन की उदासीनता से आज तक हमारे गांव सड़क से नहीं जुड़ सके हैं।
बिहारी नंदन बहुगुणा, पूर्व प्रधान, कोल।
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सड़क के अभाव में गांव से लोग तेजी से पलायन कर रहे हैं। नजदीकी स्टेशन भी काफी दूर है। मरीजों और प्रसव पीड़ितों को अस्पताल ले जाने में परेशानी झेलनी पड़ती है। सड़क का जल्द निर्माण होना चाहिए।
नंदा बल्लभ जोशी, कोल।
कोट
सड़क निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त पेड़ों के स्थान पर पौधारोपण के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है। जिससे सड़क का कटान शुरू नहीं हो पा रहा है। जैसे ही पौधरोपण के लिए जगह मिलेगी सड़क निर्माण शुरू होगा।
विरेंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता, लोक निर्माण विभाग, अल्मोड़ा।