मौलेखाल (अल्मोड़ा)। विकासखंड सल्ट की मानिला रंगमंच निर्माण समिति की ओर से रामलीला मंचन शुरू हो गया है। विधायक महेश जीना ने रामलीला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने विषम परिस्थितियों में भी स्थिति पर नियंत्रण रख सफलता प्राप्त की। उन्होंने हमेशा वेदों और मर्यादा का पालन किया। सहनशीलता और धैर्य भगवान राम का प्रमुख गुण है। उन्होंने रंगमंच के सौंदर्यीकरण के लिए विधायक निधि से दो लाख रुपये देने की घोषणा की।
रामलीला के पहले दिन नट-नटी सूत्रधार, नारद की तपस्या, नारद मोह, रावण को शिव से वरदान प्राप्ति, नारद, शिव प्रसंग, रावण के कैलाश पर्वत उठाने और राम जन्म तक का मंचन हुआ। सखियों की सुंदर प्रस्तुति ने भी दर्शकों को लुभाया। महेंद्र सिंह उजराड़ी ने संचालन किया। इस दौरान कमेटी के अध्यक्ष भैरव दत्त पांडे, व्यवस्थापक मनमोहन बंगारी, लीलाधर भट्ट, करन जीना, गोपाल रावत, हरी राम, हरीश गोस्वामी आदि रहे।
जागेश्वर धाम की रामलीला में परशुराम-लक्ष्मण संवाद
अल्मोड़ा। जागेश्वर धाम में रामलीला कमेटी की ओर से रामलीला मंचन के चौथे दिन परशुराम-लक्ष्मण संवाद, राम-सीता विवाह संवाद, बरात विदाई का मंचन किया गया। भाजयुमो जिलाध्यक्ष राजन चंद्र जोशी ने मंचन का शुभारंभ किया। इस दौरान परशुराम-लक्ष्मण संवाद खूब सराहा गया। राम का किरदार विनोद थापा, सीता का किरदार गायत्री तिवारी, परशुराम का किरदार गोकुल भट्ट, जनक का किरदार आशुतोष भट्ट, लक्ष्मण का किरदार शुभम उप्रेती ने निभाया। हारमोनियम पर रणजीत सिंह, तबले पर दीवान राम ने संगत दी। इस मौके पर व्यवस्थापक हरि मोहन भट्ट, अध्यक्ष रेवाधार पांडेय, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष दयाल पांडेय, महेश राम, षष्टी भट्ट, राकेश पांडेय आदि मौजूद रहे।
रामलीला में दूसरे दिन ताड़का और सुबाहु वध के दृश्यों का मंचन
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। महावीर दल रामलीला कमेटी की ओर से रनमन के दड़मिया में दूसरे दिन विश्वामित्र का राम लक्ष्मण को मांगने, ताड़का, सुबाहु वध, अहिल्या तारण, गौरी पूजन आदि दृश्यों का मंचन किया गया। ठंड के बावजूद कलाकारों की उम्दा प्रस्तुतियों को देखने के लिए दर्शक देर रात तक डटे रहे। राम का किरदार भरत पांडे, लक्ष्मण का किरदार दीपक चंद्र पांडे, ताड़का का किरदार कुंदन बजेठा, सुबाहु का किरदार संजय सर्जरी, अहिल्या का किरदार कृष्णा गर्ग, विश्वामित्र का किरदार बलवंत सिंह ने निभाया।