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Almora News: वायरल फीवर की चपेट में आए बच्चों की हालत में हो रहा सुधार

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राजकीय आदर्श जूनियर हाईस्कूल वल्मरा।संवाद - फोटो : ALMORA
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स्याल्दे (अल्मोड़ा)। राजकीय आदर्श जूनियर हाईस्कूल वल्मरा में वायरल बुखार की चपेट में आने से बीमार हुए 22 छात्रों के स्वास्थ्य और उनके गांवों की स्थिति की आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता मानीटरिंग कर रही है। वह बीमार बच्चों पर लगातार नजर बनाए हैं। बीमार बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। अभी बच्चे घरों ही आराम कर रहे हैं।
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राजकीय आदर्श जूनियर हाईस्कूल वल्मरा में कुल 44 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। शनिवार को विद्यालय में बच्चे स्कूल आए थे। कुछ बच्चों को खांसी, जुकाम होने पर विद्यालय के शिक्षकों ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देघाट के डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान 36 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इससे 22 बच्चे जुकाम, वायरल बुखार से ग्रसित पाए गए। कक्षा सात के 14 बच्चों में से 10 बच्चे वायरल फीवर से संक्रमित मिले। डॉक्टरों ने सभी बीमार बच्चों को तीन दिन की दवा वितरण कर घर पर ही आराम करने को कहा है। इधर दिल्ली रेफर किए गए बच्चे के स्वास्थ्य में भी सुधार है। रविवार को भी डाक्टरों और विद्यालय के शिक्षकों ने अभिभावकों को फोन कर उनका हालचाल जाना।
अभिभावकों में बनी है दहशत
स्याल्दे। विद्यालय में एक साथ कई बच्चों के संक्रमित होने से अभिभावक दहशत में है। अभिभावक अस्पताल जाकर अपने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करा रहे हैं। रविवार को भी कई अभिभावकों ने डाक्टरों से बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर राय ली। अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं।
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स्कूल किया बंद, एक को खुलेगा
स्याल्दे। बच्चों के स्वास्थ्य के चलते स्कूल को 30 और 31 जनवरी को भी बंद कर दिया गया है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि अब विद्यालय एक फरवरी को खुलेगा। बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी है।
कोट
बीमार बच्चों के अभिभावकों से हम लगातार संपर्क में है। बीमार बच्चों की हालत में सुधार हो रहा है। दिल्ली रेफर किए गए बच्चे के परिजन से बात हुई, उसके स्वास्थ्य में भी सुधार हो रहा है। अभिभावकों से कहा है कि यदि बच्चों को परेशानी होती है तो तुरंत सूचना दें।
टीआर टम्टा, प्रधानाध्यापक
वायरल फीवर को नजरअंदाज न करें: डॉ. विश्वास
स्याल्दे। सीएचसी देघाट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि बीमार बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को बीमार बच्चों और उनके गांवों क मानिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। बीमार बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी है। यदि किसी तरह की दिक्कत होती है तो वह अस्पताल में आकर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मौसम बदलते ही ज्यादातर लोगों को बुखार और सर्दी-जुकाम की शिकायत शुरू हो जाती है। इस तरह के बुखार को वायरल फीवर या मौसमी बुखार कहा जाता है। इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कुछ उपायों को अपना कर फीवर से आसानी से बचाव किया जा सकता है।
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वायरल फीवर से कैसे करें बचाव
वायरल फीवर में शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दें।
अगर आपके गले में खराश या दर्द है तो हल्के गर्म पानी में नमक डालकर गरारे करना काफी फायदेमंद होता है।
गले के दर्द को ठीक करने के लिए हल्के गर्म पानी में शहद और नमक डालकर भी गरारे कर सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
-अगर आपकी नाक बंद है तो भाप लेने से भी फायदा मिलता है।
-शरीर में पानी की कमी होने से रोकने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करें, थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
-बुखार होने पर घर से बाहर न निकलें। यह संक्रमण के कारण होने वाली समस्या है ऐसे में दूसरे लोगों को भी संक्रमण होने का डर रहता है।
-बिना डॉक्टर के सलाह के किसी भी तरह की दवाइयों का सेवन न करें। ये हानिकारक हो सकता है।
फोटो-29एएलएम11
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