रानीखेत बाजार में इस तरह से बढ़ी चहल पहल।
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच अब जिंदगी को पटरी पर लाने की जद्दोजहद शुरू हो गई है। लॉक डाउन 4.0 में कई रियायतें मिलते ही बाजार में जहां जिंदगी दौड़ती हुई दिखाई दे रही है, वहीं अनलॉक 1.0 में अब पुलिस के सामने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना बड़ी चुनौती है। वाहनों को छूट मिलने के बाद अब बाजार में कई बार जाम की नौबत आने लगी है। हालांकि लोगों में कोरोना का ख़ौफ भी है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। बाहरी राज्यों से लौट रहे प्रवासियों में अधिकांश लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो रही है। अल्मोड़ा जिले में मिले 45 केसों में 12 से अधिक मामले रानीखेत उपमंडल से जुड़े हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए बाजार में कई दुकानदारों ने जागरूकता भी दिखाई है, लेकिन अधिकांश लोग डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नहीं दिखाई दे रहे, इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई लोग मास्क लगाते भी नहीं दिख रहे हैं।
जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं उससे भविष्य के खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि अब अनलॉक 1.0 की गाइडलाइन भी जारी हो चुकी हैं। होटल, रेस्टोरेंट धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी चल रही है। ऐसे में अब पुलिस और प्रशासन के सम्मुख सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य नियमों का पालन करने की बड़ी चुनोती होगी।
--:: बोले एसडीएम :: "अनलॉक 1.0 की नई गाइडलाइन का इंतजार है। गाइडलाइन मिलने के बाद बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की नई रणनीति बनाई जाएगी। मास्क आदि के लिए लोगों को स्वयं भी जागरूक होना होगा। प्रवासियों को फिलहाल सख्त होम क्वारंटीन किया जा रहा है।"
-अभय प्रताप सिंह, एसडीएम, रानीखेत