ताड़ीखेत बाजार में कुछ इस तरह घूमते हैं लावारिस जानवर।
- फोटो : RANIKHET
ताड़ीखेत (अल्मोड़ा)। लावारिस जानवरों ने ताड़ीखेत कस्बे की साख पर बट्टा लगा दिया है। बाजार में धड़ल्ले से घूमने वाले जानवर यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। कई दुपहिया वाहन चालकों को भी चोटिल कर चुके हैं। घरों के आगे लोगों की ओर से बोई गई साग सब्जी को भी चौपट कर चुके हैं।
ताड़ीखेत कस्बा ब्लाक मुख्यालय की मुख्य बाजार है। रानीखेत बाजार की तरह यहां भी लावारिस जानवरों का खासा आतंक है। वर्तमान में यहां 60 से 70 मवेशी सक्रिय हैं। लोगों को कहना है कि जानवरों ने जीना मुहाल किया हुआ है। व्यापारियों की दुकानों से सामान पर मुंह मारना आम बात हो चुकी है। स्थानीय राजेंद्र नेगी, श्याम सिंह, कुंवर सिंह, ध्यान सिंह नेगी, दिवान सिंह, कैलाश पडलिया आदि व्यापारियों ने आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की है।
-लावारिस जानवरों ने हम व्यापारियों की नाक में दम कर दिया है। बाहर सामान रखते हैं जानवर मुंह मार लेते हैं। बंदरों के आतंक से पहले से ही परेशानी है। सरकार को इन जानवरों से निजात दिलाने के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए।-दीवान सिंह नेगी, व्यापारी, ताड़ीखेत।
-लोग अनुपयोगी जानवरों को छोड़ दे रहे हैं। यही जानवर लोगों की नाक में दम किए हुए हैं। कई बार प्रशासन से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। व्यापारियों के अलावा स्थानीय काश्तकार भी जानवरों के आतंक से बेहद परेशान हैं।-गोपाल सिंह अधिकारी, अध्यक्ष संघर्ष समिति ताड़ीखेत।