केंद्र सरकार का पुतला फूंकते गुरिल्ले।
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एसएसबी के स्वयंसेवक गुरिल्लों ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी गुरिल्लों पर लाठीचार्ज की भर्त्सना की है। विरोध में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस का पुतला फूंका। कहा कि देश के दूर दराज के क्षेत्रों से दिल्ली गए आंदोलनकारियों पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया। उन पर लाठियां भांजी और टैंट तक तहस-नहस कर दिया, जबकि गुरिल्ले नौकरी, पेंशन देने की मांग कर रहे थे। इस घटना के दौरान राजस्थान के एक स्वयंसेवक की मौत तक हो गई। कहा कि केंद्र सरकार गुरिल्लों की जायज मांगों को दबाने का काम कर रही है। कहा कि 1962 में देश की सीमाओं की चौकसी के लिए गुरिल्लों को प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन आज उन पर लाठियां भांजी जा रही हैं। लाठी चार्ज की घटना में मारे गए गुरिल्ले के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई गई। इस अवसर पर कैलाश शाह, देवीदत्त, प्रकाश चंद्र, दिवान सिंह, ध्यान सिंह, हेमंत हर्बोला, कमला हर्बोला, द्वारिका प्रसाद, जानकी नेगी सहित तमाम लोग मौजूद थे।