पना मनहैत-डंगूला सड़क से मलबा हटाती जेसीबी। संवाद
अल्मोड़ा। जिले में बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से छह सड़कें बंद रहीं। शनिवार को पीपना मनहैत-डंगूला, सदर-सकनाणा बसर, देघाट-लालनगढी, चमकना रणकुना, पेटशाल- डूंगरी, शेराघाट- कुंजकिमौला सड़कों पर आवाजाही ठप रही, इससे 30 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क कटा रहा।
सुबह के समय सड़कें बंद होने से लोगों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी। उन्हें किसी तरह मलबा और बोल्डरों के बीच बाजार सहित अन्य स्थानों पर आवाजाही करने के लिए मजबूर होना पड़ा। सूचना पर जेसीबी भेजी गईं। दोपहर बाद सभी सड़कों पर आवाजाही शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि जगह-जगह जेसीबी तैनात की गई हैं। सड़कों को तत्परता से खोला जा रहा है।
बागेश्वर में ये सड़कें बंद
बागेश्वरगरुड़। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार शनिवार को बारिश के दौरान बालीघाट-दोफाड़, विजयपुर-भाटगाड़ और झटक्वाली सड़क मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गई। झटक्वाली सड़क पर यातायात बहाल हो गया है। जबकि जिले में काफलीकमेड़ा, कठपुड़ियाछीना-सेराघाट, शामा-रामगंगा पुल और गागरीगोल-तिलसारी सड़क काफी समय से बंद पड़ी है। छह सड़कों पर यातायात बाधित होने से दस हजार से अधिक आबादी को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, गरुड़ में डंगोली सैलानी मोटर मार्ग में पग पग में गड्ढे होने से दुर्घटना का खतरा बना है। लाहुर घाटी के आक्रोशित ग्रामीणों ने ऐलान किया है कि मोटर मार्ग को शीघ्र दुरुस्त नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन शुरु करने को मजबूर होंगे। कहा कि कुछ समय पहले ही विभाग ने डामरीकरण किया था जो अब उखड़ गया है। जाखं, दाडिमखेत, नैकान, खुमटिया, सिमगढ़ी, दाबू, सुराग, सैलानी, गनीगांव के ग्रामीणों ने डीएम को भेजे पत्र में कहा कि मोटर मार्ग में शीघ्र डामर नहीं किया तो लाहुरघाटी के ग्रामीण आंदोलन करेंगे।