जागेश्वर धाम में मोबाइल की रोशनी में पूजा-पाठ करते श्रद्धालु। संवाद
अल्मोड़ा। जागेश्वर क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से सात घंंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे जागेश्वर धाम समेत क्षेत्र के 12 से अधिक गांव में अंधेरा पसरा रहा। इधर, बिजली आपूर्ति ठप होने से देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं को जागेश्वर धाम में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने मोबाइल फोन की रोशनी से भगवान भोले शंकर के दर्शन कर पूजा अर्चना की। लंबे समय तक बिजली बाधित होने से इन्वर्टर भी जवाब दे गए।
विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में इन दिनों श्रावणी मेले में भक्तों की काफी भीड़ उमड़ रही है। देश-विदेश से काफी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे है। मंगलवार शाम करीब पांच जागेश्वर क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से जागेश्वर, कोटेश्वर, जाख, गोत्युड़ा समेत 12 से अधिक गांव में अंधेरा छा गया। जागेश्वर धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने मोबाइल फोन की रोशनी में पूजा अर्चना की। वहीं क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता से भी लोग दहशत में रहे। मंदिर के पुजारियों ने बताया कि राज्य के पांचवें धाम जागेश्वर में सरकार ने जनरेटर तक की व्यवस्था नहीं की है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सात घंटे बाद रात्रि 12 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। संवाद
बीएसएनएल ने भी छोड़ा साथ
अल्मोड़ा। जागेश्वर क्षेत्र में बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से सात घंटे बिजली गुल रहने का यह असर हुआ कि बीएसएनएल उपभोक्ताओं के मोबाइल बंद हो गए। बीएसएनएल कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक टावर तक बिजली नहीं पहुंचने से यह समस्या पैदा हुई जो अब ठीक हो चुकी है।
कोट
33 केवी की लाइन पर पेड़ गिरने से बिजली बाधित हुई थी। लाइन पर गिरे पेड़ का हटवा कर आपूर्ति सुचारू कर दी गई है।
- कन्हैया जी मिश्रा, अधिशासी अभियंता, यूपीसीएल, अल्मोड़ा।