अल्मोड़ा। अतंर्जातीय विवाह करने वाले अनुसूचित जाति के युवक जगदीश चंद्र की हत्या की जांच का मामला राजस्व पुलिस से नियमित पुलिस को हस्तांतरित हो गया है। एसएसपी प्रदीप कुमार राय ने हत्याकांड की जांच के लिए रानीखेत के सीओ तिलक राम वर्मा को जांच अधिकारी नामित किया है। उन्होंने कहा कि हत्याकांड में अन्य लोग भी शामिल होने की भी जांच की जाएगी।
बेटी गीता उर्फ गुड्डी के अंतर्जातीय विवाह से गुस्साए परिजनों ने पनवाद्योखन गांव निवासी जगदीश चंद्र (38) पुत्र केश राम का बृहस्पतिवार शाम को अपहरण कर रात को उसकी पीट पीटकर हत्या कर दी थी। राजस्व और रेगुलर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस मामले में गीता की मां भावना देवी, सौतेले पिता जोगा सिंह और सौतेले भाई गोविंद सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए यह मामला राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हो गया है।
शनिवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसएसपी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि जगदीश हत्याकांड की जांच का मामला राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को हस्तांतरित हो गया है। मामले की जांच के लिए रानीखेत के सीओ तिलक राम वर्मा को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
जगदीश की नहीं मिल पाई थी लोेकेशन : एसएसपी
अल्मोड़ा। जगदीश की पत्नी गीता की ओर से सुरक्षा के लिए 27 अगस्त को जिला प्रशासन और पुलिस को पत्र देने के बाद भी सुरक्षा के अभाव में उसके पति जगदीश चंद्र की हत्या होने के सवाल पर एसएसपी राय ने कहा कि 27 अगस्त को इस संबंध में पत्र मिला था। पत्र में दो पते लिखे थे जो कि राजस्व क्षेत्र के थे। पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर पर भी फोन किए गए लेकिन फोन नहीं मिला। जगदीश और गीता की कोई लोकेशन नहीं मिल सकी थी। इस संबंध में उनके अलावा भी कोई व्यक्ति उनकी लोकेशन के बारे में जानकारी देता तो उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती। जगदीश बिना बताए ही अपने घर लौट गया था।
सुरक्षा मांगने संबंधी मामले की जांच करेंगे सीओ अल्मोड़ा
अल्मोड़ा। एसएसपी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि जगदीश चंद्र को सुरक्षा देने संबंधी मामले की भी जांच की जाएगी। इसके लिए अल्मोड़ा के सीओ विमल प्रसाद को जांच अधिकारी नामित किया गया है। यदि इस मामले में कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फॉरेंसिंक टीम ने लिए सैंपल
अल्मोड़ा। जगदीश हत्याकांड की जांच के लिए अल्मोड़ा से गई फॉरेंसिंक टीम ने घटना में प्रस्तुत मारुति वैन और घटना स्थल पर जाकर सैंपल और जानकारी जुटाई।
गीता और जगदीश की खोज में अल्मोड़ा आए थे तीन लोग
अल्मोड़ा। विवाह के बाद गीता और जगदीश चंद्र अल्मोड़ा के धारानौला मार्ग में स्थित ताम्र नगरी में एक घर में टिके हुए थे। बताया जा रहा है कि एक सितंबर की दोपहर दो पुरुष और एक महिला दोनों की ढूंढखोज में ताम्र नगरी पहुंचे थे। आशंका है कि यह लोग उन्हें यहां मारने के इरादे से पहुंचे थे। आशंका है कि यह तीन लोग गीता की मां, सौतेले पिता और सौतेला भाई था। एसएसपी प्रदीप कुमार राय ने बताया कि एक सितंबर को सायं तीन बजे किसी व्यक्ति ने इस संबंध में तीन लोगों के आने के सूचना दी थी जिसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई थी, लेकिन जगदीश चंद्र की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई थी। उन्होंने बताया कि यह तीन लोग कौन थे इसके लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
विभिन्न संगठनों ने की हत्याकांड की निंदा
जगदीश की पत्नी और उसके परिवार को सुरक्षा देने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। जगदीश चंद्र की अपहरण के बाद हत्या करने से विभिन्न संगठनों में नाराजगी है। विभिन्न संगठनों ने जगदीश की पत्नी और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
भारत की जनवादी नौजवान सभा जिला इकाई की बैठक में घटना का विरोध किया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार द्वारा जाति और धर्म के नाम पर जो जहर समाज में घोला जा रहा है उससे उत्तराखंड भी अछूता नहीं है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण जगदीश चंद्र की हत्या है। संगठन के जिला अध्यक्ष यूसुफ तिवारी ने कहां कि
पुलिस जगदीश चंद्र की पत्नी के पत्र का समय पर संज्ञान ले लेती तो शायद जगदीश की हत्या नहीं होती। वहां पर योगेश, मुमताज अख्तर, प्रमोद रावत, शाहनवाज अंसारी, मो. आदिल, नवीन कुमार आदि थे।
इधर, उत्तराखंड लोक वाहिनी की बैठक में वक्ताओं ने मृतक परिवार को मुआवजा देने के साथ ही एक सदस्य को रोजगार देने, गीता के जीवन यापन की व्यवस्था करने, मामले की निष्पक्ष जांच के साथ ही दोषियों को दंडित करने करने की मांग की। जगत सिंह रौतेला की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूरन चंद्र तिवारी, जंग बहादुर थापा, रेवती बिष्ट, बिशन जोशी, माधुरी मेहता, दयाकृष्ण कांडपाल, अजयमित्र सिंह बिष्ट, कुणाल तिवारी, अजय मेहता आदि थे।
बड़े भाई पृथ्वीपाल की एक माह पूर्व जगदीश से हुई थी बात
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। पनुवाद्योखन गांव के लोगों में आक्रोश है। हत्याकांड से गांव के लोग डरे सहमे हैं। जगदीश चंद्र के बड़े भाई पृथ्वीपाल राजमिस्त्री का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब एक माह पूर्व उनकी जगदीश से फोन पर बात हुई थी। उनका कहना है कि जगदीश ने उन्हें लड़की और शादी के बारे में कभी कुछ नहीं बताया था। उन्हें अन्य लोगों के माध्यम से उनकी शादी का पता चला। उनका कहा कि उनके भाई की निर्मल हत्या करने वालों को सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को होने से रोका जा सके।
बेटे की हत्या के बाद मां बेसुध, पानी तक नहीं पिया
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। जगदीश चंद्र की हत्या के बाद मां भागुली देवी बार-बार बेटे को पुकार रही है। शनिवार को भी भागुली देवी का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बड़े भाई पृथ्वीपाल ने बताया कि मां भागुली देवी पहले से ही बीमार चल ही है। जगदीश की मौत के बाद उसकी हालत और भी खराब हो गई है। वह बार-बार जगदीश को पुकार रही है। भागुली देवी पानी तक नहीं पी रही है। वह बेटे की गम में बार-बार बेसुध हो जा रही है। पूरा परिवार शोक में डूबा है।
अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पहुंचे जगदीश के गांव
भतरौंजखान (अल्मोड़ा)। जगदीश चंद्र हत्याकांड का अनुसूचित जाति आयोग ने भी संज्ञान लिया है। अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार शनिवार को जगदीश चंद्र के गांव पनुवाद्योखन पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हत्याकांड से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आयोग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
अनुसूचित जाति के लोगों में भारी आक्रोश
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। अनुसूचित जाति के लोगों ने एसडीएम शिप्रा जोशी पांडे के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने दोषियों को फांसी की सजा देने, फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति देने, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में प्रताप आर्या, वंशीधर आर्या, मोहन कोहली, योगेश कुमार, भोलेशंकर, भुवन चंद्र ललित कुमार, धीरज कुमार आदि शामिल हैं।
पुलिस प्रशासन पर भी हो कार्रवाई
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि यह हत्या जघन्य अपराध ही नहीं बल्कि मानवता पर बहुत बड़ा कलंक है। उन्होंने जगदीश हत्याकांड के लिए पुलिस लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। संवाद
मृतक जगदीश चंद्र के घर में मौजूद पुलिस और अन्य। संवाद- फोटो : ALMORA