अल्मोड़ा। श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर और रामलीला समिति की ओर से कर्नाटक खोला में आयोजित रामलीला में दसवें दिन रावण-अहिरावण, हनुमान-मकरध्वज संवाद, अहिरावण और रावण वध आदि प्रसंग मंचित किए गए।
मुख्य अतिथि व्यवसायी दीपक पोखरिया ने रामलीला का शुभारंभ किया। पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह प्रदान किया। नवीन प्रसंगों में असुरकुल के अनेक योद्धाओं और रामदल के मध्य युद्ध की लीला का मंचन किया गया। असुरकुल में मकराक्ष, दुर्मख, देवांतक, नरातंक, प्रहस्त, अकम्पन और अतिकाय आदि ने राम दल पर संयुक्त आक्रमण किया गया।
रामदल ने असुरकुल के सभी राक्षसों का संहार किया। श्रीराम का अभिनय दिव्या पाटनी, लक्ष्मण-किरन कोरंगा, रावण- बिट्टू कर्नाटक, मंदोदरी गरिमा तिवारी, अहिरावण-अखिलेश सिंह थापा, हनुमान अनिल रावत, मकरध्वज-मेघना पांडे, विभीषण-राहुल जोशी, अंगद-दिव्यम जोशी, सुग्रीव-दक्ष कर्नाटक आदि ने शानदार अभिनय किया।
नवीन प्रसंगों में असुरकुल के मकराक्ष का अभिनय कंचन पांडे, दुर्मख आशा मेहता, देवांतक कविता पांडे, नरातंक हिमांशी अधिकारी, प्रहस्त-सीमा रौतेला, अतिकाय-सुनीता बगड़वाल, अकम्पन रेखा जोशी ने अभिनय किया। संचालन गीतांजलि पांडे ने किया।