राजीव गांधी नवोदय विद्यालय चौनलिया में चार माह पूर्व हुई मारपीट के मामले में अनुशासनहीनता के दायरे में आए शिक्षकों पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई कर उन्हें विद्यालय से हटा दिया है। इन शिक्षकों को उनके मूल तैनाती वाले स्कूलों में भेजा गया है जबकि उनके स्थान पर नई प्रक्रिया अपनाते हुए नए शिक्षकों का चयन कर दिया गया है। इन्हें जल्दी ही तैनाती दी जाएगी।
जुलाई में राजीव गांधी नवोदय आवासीय विद्यालय चौनलिया में कुछ छात्रों में मारपीट हो गई थी। इसके बाद ये आरोप लगे थे कि बाहर से घुस आए कुछ छात्रों और अन्य लोगों ने विद्यालय में घुसकर यहां के छात्रों और शिक्षकों के साथ मारपीट की थी। पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा था।मामले में विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर कराई गई जांच में यह तथ्य भी सामने आए थे कि विद्यालय में तैनात कुछ शिक्षकों की भूमिका अनुशासन को कायम करने के बजाय खुद अनुशासनहीनता को बढ़ावा देने की पाई गई थी।
एक शिक्षक पर तो मारपीट के दौरान खुद वीडियो बनाने का भी आरोप लगा था। तत्कालीन डीएम विनीत तोमर की ओर से प्रशासनिक स्तर पर जांच बैठाई गई थी जबकि बीईओ डाॅ. रवि मेहता ने भी मामले की जांच की थी। जांच के दायरे में आए चार शिक्षकों के विरुद्ध साक्ष्य मिलने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संंस्तुति की गई थी। इस जांच की रिपोर्ट काफी समय तक सीईओ के कार्यालय में भी निरीक्षण के लिए रखी गई।जांच के दायरे में आए चारों शिक्षकों को इस विद्यालय से स्थानांतरित कर दिया गया है।
कोट- राजीव गांधी नवोदय विद्यालय चौनलिया के अनुशासनहीनता वाले मामले में मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर जांच के दायरे में आए चारों शिक्षकों का अन्यत्र स्थानांतरण कर दिया गया है। उनके स्थान पर नई तैनाती की प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
- अत्रेश सयाना, प्रभारी सीईओ, अल्मोड़ा