अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) के विरोध में सर्व दलीय संघर्ष समिति ने मंगलवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि समिति पांच साल से आंदोलन करती आ रही है लेकिन अब तक जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार को जन भावनाओं के मद्देनजर प्राधिकरण समाप्ति का शासनादेश जारी कर देना चाहिए। प्रदेश सरकार ने कुछ माह पूर्व प्राधिकरण स्थगन की घोषणा मात्र कर इतिश्री कर ली। प्रदेश सरकार को स्पष्ट आदेश के तहत प्राधिकरण को समाप्त कर भवन मानचित्र स्वीकृति संबंधी सभी अधिकार पूर्व की तरह नगरपालिकाओं को दिए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर है। इसी कारण पिछले पांच वर्षों से जनता के आंदोलन के बावजूद प्राधिकरण को समाप्त नहीं कर रही है। जब तक सरकार प्राधिकरण को स्पष्ट आदेश के तहत समाप्त नहीं कर देती तब तक समिति का आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को समाप्त कर भवन मानचित्र स्वीकृति के सभी अधिकार नगरपालिका को देने की मांग की। धरने में समिति के प्रवक्ता राजीव कर्नाटक, सचिव दीपांशु पांडे, चंद्रकांत जोशी, आनंद बगड़वाल, प्रताप सत्याल, चंद्रमणि आदि बैठे।
----------------------
पांच सालों से संघर्ष समिति के बैनर तले जिला विकास प्राधिकरण को समाप्त करने के लिए आंदोलन करते आ रहे हैं। सरकार आंदोलन के बावजूद इसे खत्म नहीं कर रही है। प्राधिकरण को जल्द खत्म किया जाए।
दीपांशु पांडे, रानीधारा (अल्मोड़ा)
--
पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को समझें बिना सरकार का अल्मोड़ा में प्राधिकरण को लागू करने का फैसला अव्यवहारिक था। जनहित में सरकार इसे तुरंत समाप्त कर शासनादेश जारी करें।
राजीव कर्नाटक, कांग्रेस प्रवक्ता अल्मोड़ा
प्राधिकरण लागू होने से जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी क्षेत्र में प्राधिकरण को लागू करना समझ से परे है। सरकार को जनहित में जल्द प्राधिकरण को खत्म करना चाहिए।
चंद्रमणि भट्ट, अल्मोड़ा
अल्मोड़ा में प्राधिकरण लागू करने का सरकार का फैसला जल्दबाजी का था। बिना यहां की भौगोलिक स्थिति का अध्ययन करे पहाड़वासियों पर यह फैसला थोप दिया गया। इसे खत्म किया जाए।
हर्ष कनवाल, खत्याड़ी (अल्मोड़ा)