अल्मोड़ा। पनुवाद्योखन निवासी उपपा नेता जगदीश चंद्र हत्याकांड के विरोध में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने बृहस्पतिवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री और जन प्रतिनिधियों की चुप्पी पर रोष जताया। उन्होंने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जगदीश हत्याकांड मामले में जन प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री की चुप्पी से इस मामले में राज्य सरकार की संलिप्तता स्पष्ट हो गई है। मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने जिला और पुलिस प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि प्रशासन थोड़ा भी गंभीर होता तो इस जघन्य हत्याकांड को रोका जा सकता था। उन्होंने डीआईजी के उस बयान पर गहरी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने जगदीश का उसके द्वारा बताए गए पते पर न मिलना बताया। जगदीश और उसकी पत्नी ने जिन लोगों से अपनी जान का खतरा बताया था पुलिस द्वारा उन पर नजर रखी जानी चाहिए थी। उन्होंने जगदीश की पत्नी और बहन को समुचित संरक्षण, सरकारी नौकरी देने, इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की। आगामी 11 सितंबर को भिकियासैंण में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। संचालन सामाजिक कार्यकर्ता ईश्वर जोशी और नारायण राम ने किया।
ये लोग बैठे धरने में
धरने में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, अखिल भारतीय किसान सभा के दिनेश पांडे, जनवादी महिला समिति की सुनीता पांडे, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महेश परिहार, उत्तराखंड छात्र संगठन की भारती पांडे, दीक्षा सुयाल, भावना पांडे, उलोवा के दया कृष्ण कांडपाल, नरेश नौरियाल, अधिवक्ता प्रेम राम, जीवन चंद्र, सुनील ग्वाल, बाल प्रहरी के उदय किरौला, उपपा की केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा, नगर अध्यक्ष हीरा देवी, धीरेंद्र मोहन पंत, वंदना कोहली आदि बैठे।