रानीखेत कैंट से आजादी के लिए पर्चे बांटकर लोगों को जागरूक करते आंदोलनकारी। संवाद
रानीखेत (अल्मोड़ा)। छावनी परिषद से संपूर्ण आजादी की मांग के लिए नागरिकों का बेमियादी धरना शुक्रवार को 50वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए पूरे बाजार में जागरूकता संबंधी पर्चे बांटे। कहा कि छावनी परिषद के जटिल कानूनों को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इसलिए सिविल क्षेत्र का नगर पालिका में शामिल होना जरूरी है।
रानीखेत छावनी की सिविल एरिया को पास की चिलियानौला नगर पालिका में मिलाने की मांग के लिए पिछले 50 दिनों से धरना दिया जा रहा है। इसके बावजूद काेई सार्थक कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस बीच मशाल जुलूस, बाजार बंद सहित कई कार्यक्रम चलाए गए। इसके बावजूद संबंधित क्षेत्र को नगर पालिका में शामिल करने के लिए सार्थक पहल नहीं हो सकी।
बेमियादी धरने के दौरान शुक्रवार को 50वें दिन भी जमकर नारेबाजी की गई। वक्ताओं ने कहा कि छावनी परिषद के जटिल कानूनों के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान पूरे बाजार क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया। आंदोलनकारियों ने पर्चे बांटकर संपूर्ण छावनी से आजादी के आंदोलन में सहयोग मांगा। इनमें रानीखेत विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष हेमंत माहरा, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख रचना रावत, कैलाश पांडेय, दीप भगत, अगस्त लाल साह, दीपक गर्ग आदि शामिल रहे।