अल्मोड़ा। लोक कलाकारों ने झोड़ा-चांचरी का गायन कर शुक्रवार को तीसरे दिन भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक साल से प्रस्तुत कार्यक्रमों का भुगतान नहीं किया गया है जिससे वे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी परेशानी को अनदेखा किया जा रहा है।
तीसरे दिन भी लोक कलाकारों ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क पहुंचकर हुड़के की थाप पर लोकगीत गाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि संस्कृति विभाग ने उनसे प्रदेश भर में कार्यक्रम करवाए लेकिन एक साल बाद भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया है। ऐसे में उन्हें आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।
कई पात्र बुजुर्ग लोक कलाकारों को पेंशन तक नहीं मिल सकी है। कहा कि उन्हें देयकों का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
इस मौके पर वरिष्ठ रंगकर्मी दीवान कनवाल, गोकुल बिष्ट, चंदन बोरा, सुरेश लाल, रमेश लाल, नारायण थापा, प्रियंका चम्याल, मनीषा आर्या, जगदीश तिवारी आदि कलाकार शामिल रहे।