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राष्ट्रहित सर्वोपरि था प्रणव दा के लिए, 2003 में आए थे रानीखेत

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रानीखेत (अल्मोड़ा)। दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 18 नवंबर 2003 को रानीखेत आए थे। तब केंद्र में स्व. अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार थी। यहां मजखाली के दिगोटी गांव में उनकी पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी का बंगला है। उन्हें पहाड़ों की शांत वादियां काफी भातीं थीं। 2003 में भी वह रानीखेत के मजखाली आए और यहां उन्होंने कांग्रेस के नेताओं के साथ मुलाकात की। कांग्रेस नेता पीसीसी सदस्य कैलाश पांडेय ने बताया कि बड़ी आत्मीयता के साथ प्रणब दा मिले और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर विस्तृत चर्चा भी की। उन्होंने बताया कि उनके साथ पूर्व विधायक स्व. पूरन माहरा, डीएन बडोला आदि लोगों ने भी उनसे मुलाकात की। काफी देर तक उनके साथ बैठक चली। इसके बाद वह अल्मोड़ा भी गए थे। कैलाश पांडेय ने बताया कि प्रणब दा राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते थे। वह राष्ट्र के लिए पार्टी लाइन से भी ऊपर उठकर बात करते थे। संवाद
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