मौलेखाल (अल्मोड़ा)। बारिश थमते ही फिर से जंगल धधकने लगे हैं। इससे वन विभाग, प्रशासन के साथ ही आम लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। सल्ट के पिपना और दाड़िमी के पास जंगल पूरी रात सुलगते रहे। जंगलों से आग की लपटें और धुआं उठता रहा, लेकिन वन विभाग घटना से अंजान रहा। इस घटना में दो हेक्टेयर से जंगल दावानल की भेंट चढ़ गया।
बीते दिनों हुई बारिश ने जंगलों की आग शांत कर दी थी। दो दिन से जिले में बारिश नहीं हुई तो फिर से जंगल सुलगने लगे हैं। सल्ट के पिपना, दाड़िमी के पास जंगल में बीते रविवार देर शाम आग लग गई। देखते ही देखते दावानल ने जंगल के बड़े दायरे को अपनी चपेट में ले लिया, लेकिन जिम्मेदार विभाग को घटना की भनक तक नहीं लगी। पूरी रात जंगल धधकते रहे, इससे लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई। इस घटना में दो हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गया। सुबह के समय पूरे जंगल को अपनी चपेट में लेने के बाद आग खुद बुझ गई। जंगलों से उठने वाले धुएं से लोगों को काफी दिक्कत हुई। सोमवार को दोपहर बाद हल्की बारिश होने के बाद धुआं छंटने से लोगों ने राहत की सांस ली। संवाद
कंट्रोल रूम में तीन दिन से एक भी दावानल की घटना दर्ज नहीं
अल्मोड़ा। जिले में जंगल सुलग रहे हैं। बीते रविवार को नगर के नजदीक पातालदेवी और बाड़ेछीना के जंगल में आग लगी रही। सूचना के बाद फायर सर्विस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। वहीं सल्ट के पिपना और दाड़िमी में पूरी रात जंगल सुलगते रहे। हैरानी इस बात की है कि वन विभाग के कंट्रोल रूम में बीते चार दिनों में दावानल की एक भी घटना दर्ज नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग जंगलों की सुरक्षा के लिए कितना गंभीर है।
कोट
सल्ट के किसी भी जंगल में आग लगने की सूचना नहीं मिली है। वन विभाग आग से जंगलों की सुरक्षा के लिए गंभीर है।
- गोपाल जोशी, रेंजर, सल्ट।