अल्मोड़ा। जिले में चर्चा का विषय रहे वन पंचायतों और नाप भूमि में मानकों से अधिक पेड़ कटान की अनुमति के मामले में पहले की चरण की जांच के बाद सामने आई रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट में अनुमति से अधिक पेड़ काटने की पुष्टि हुई है जो बड़ी गड़बड़ी की तरफ इशारा कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार दो वन पंचायतों और दो नाप भूमि में 583 पेड़ों के कटान की अनुमति दी गई लेकिन 825 पेड़ों पर आरी चला दी गई। यह हालात तब हैं जब महज दो वन पंचायतों और दो नाप भूमि में खूंट की गणना हुई है। यदि विवादों में घिरी सभी 90 वन पंचायतों में खूंट की गणना हो तो अवैध तरीके से काटे गए पेड़ों का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।
जिले की 90 वन पंचायतों और नाम भूमि पर पिछले तीन वर्षों ने डीएफओ महातिम यादव ने कुल 388 परिमट जारी किए। इनमें 19289 पेड़ों के कटान की अनुमति दी गई थी। इस मामले में कुछ जागरूक लोगों ने प्रमुख वन संरक्षक को शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख वन संरक्षक ने इसकी जांच मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं पीके पात्रों को सौंपी। बीते दिनों प्रभावित भूमि पर खूंट गणना के बाद जो रिपोर्ट सामने आई है उसमें खूंटों की संख्या अनुमति से कई अधिक मिली है।
वन पंचायत सल्ला रौतेला में 273 पेड़ कटान की अनुमति दी गई थी लेकिन टीम को यहां 400 कटे हुए पेड़ों के खूंट मिले हैं। देवली वन पंचायत में 140 पेड़ों की अनुमति थी लेकिन यहां भी 200 पेड़ों पर आरी चली है। नाप भूमि बडगल भट्ट में 154 पेड़ों के सापेक्ष 200 से अधिक तो पांडेखोला में 16 पेड़ों के सापेक्ष 25 खूंट मिले हैं। इतनी बढ़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद अब जांच टीम जल्द ही इस पूरे मामले का पटाक्षेप करने के लिए दूसरे चरण की जांच शुरू करने की तैयारी में है।
मुख्य वन संरक्षक पीके पात्रों ने बताया कि 20 फरवरी से दूसरे चरण की जांच शुरू की जाएगी। टीम अन्य वन पंचायतों और नाप भूमि में जाकर खूंट गणना का कार्य करेगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि छोटे काश्तकारों को एक से पांच पेड़ आर कुछ काश्तकारों को 50 से 100 पेड़ प्रति काश्तकार पेड़ कटान की अनुमति दी गई है जो संदेहास्पद है।
डीएफओ को किया गया है देहरादून संबद्ध
अल्मोड़ा। जिले में बड़ी संख्या में पेड़ काटने की अनुमति देने का मामला सामने आने के बाद विभाग ने डीएफओ महातिम यादव से अनुमति देने का अधिकार छीन लिया था। जांच शुरू होते ही उन्हें देहरादून संबद्ध कर दिया गया। फिलहाल बागेश्वर के डीएफओ को अल्मोड़ा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। संवाद
तीन सालों में वन पंचायतों और नाप भूमि से पेड़ कटान के लिए जारी परमिट और पेड़ों की संख्या
वर्ष जारी परमिट पेड़ों की संख्या
2020 101 5379
2021 148 10,500
2022 141 3410
पूरे मामले की जांच में अभी समय लगेगा। दो वन पंचायतों और दो नाप भूमि की जांच पूरी कर ली गई है जिसमें अनुमति से अधिक पेड़ काटने की पुष्टि हुई है। जल्द ही अन्य वन पंचायतों में खूंट गणना शुरू की जाएगी। - पीके पात्रो, मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊं, नैनीताल।