अल्मोड़ा। जिले में दो दिन से लगातार जारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बारिश के बाद बंद सड़कें लोगों की दिक्कत बढ़ा रही हैं। मलबा और बोल्डर गिरने से एक एसएच सहित सात सड़कें बंद हैं। इससे 80 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से सड़क संपर्क कट गया है। वाहनों की आवाजाही थमने से क्षेत्र की 50 हजार से अधिक की आबादी परेशान है।
जिला मुख्यालय सहित जिले के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से काफलीखान-भनोली-सिमलखेत एसएच सहित महरटाना-डूंगरा, जैंती-पीपली-चापड़, देघाट-चिंतोली, ध्याडी-मेरगांव-मानेश्वर, थला-मनराल-भ्याडी, वल्मरा-तल्ली चनोली, जैंती-नयासंग्रौली सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। ऐसे में क्षेत्र के 80 से अधिक गांव अलग-थलग पड़े हैं और इनका शेष दुनिया से सड़क संपर्क कटा है। वाहनों के पहिए थमने से क्षेत्र के लोग मलबा और बोल्डरों के बीच पैदल सफर कर बाजार और अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने कहा कि मलबा और बोल्डर हटाने के काम में जेसीबी जुटी हैं। जल्द सड़कों पर आवाजाही शुरू होगी।
भैसिया छाना में सबसे अधिक 76.5 एमएम बारिश
अल्मोड़ा। जिला मुख्यालय सहित जिले के कई हिस्सों में बारिश हुई। जिला मुख्यालय में 46.6 एमएम, भैसियाछाना में सबसे अधिक 76.5 एमएम बारिश रिकाॅर्ड की गई। रानीखेत में 53, सोमेश्वर में 56, चौखुटिया में 60, भिकियासैंण में 22.5, सल्ट में 21, शीतलाखेत में 48, मासी में 54, द्वाराहाट में 74, ताकुला में 49 एमएम बारिश हुई।