मौलेखाल (अल्मोड़ा)। जिले के सल्ट ब्लॉक के पैंसिया क्षेत्र में बुधवार की रात हुई अतिवृष्टि के दो दिन बीत जाने के बाद भी प्रभावित गांवों के ग्रामीणों की दुश्वारियां अभी तक कम नहीं हो पाई हैं। ब्लॉक के गेठिया गांव को जाने वाला मार्ग अब भी बंद है। जबकि मलबे की जद में आई पुलिया को भी अभी तक दुरुस्त नहीं किया जा सका है। राहत के नाम पर संबंधित क्षेत्रों में पटवारी जरूर पहुंचे और मौका मुआयना कर लौट गए।
बारिश के कारण गुलार, गड़कोट, पैंसिया, गेठिया समेत आसपास के गांवों को जाने वाले अनेकों संपर्क मार्ग तेज बरसाती पानी की चपेट में आ गए थे। कई सड़कों की सुरक्षा दीवार ध्वस्त हुई और पेयजल योजनाओं को भी खासा नुकसान पहुंचा। आपदा राहत के नाम पर शुक्रवार को पटवारी के अलावा गांव में कोई नहीं पहुंचा। जिससे क्षेत्र के लोगों में खासा आक्रोश व्याप्त है। इधर, बारिश के कारण खटलगांव को जोड़ने वाली पुलिया को भी खासा नुकसान पहुंचा है।
बोले ग्रामीण
बुधवार रात हम लोग रात भर नहीं सो सके। तेज बारिश के कारण ग्राम के संपर्क मार्ग, पेयजल योजनाएं, कृषि योग्य भूमि को काफी नुकसान पहुंचा। लेकिन अभी तक पटवारी के अलावा प्रशासन के कोई अधिकारी प्रभावित गांवों में नहीं पहुंचा।-राजेंद्र सिंह, निवासी ग्राम गेठिया
बारिश के बाद दूसरे दिन बड़ी मुश्किल से पटवारी मौका मुआयना करने पहुंचे। लेकिन वह भी अपनी औपचारिकताएं पूरी कर चले गए। आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजनाएं जस की तस पड़ी हुई हैं। अधिकारियों को कम से कम उनकी सुध लेनी चाहिए। -आनंद रावत, निवासी नैंकड़ा
अतिवृष्टि के कारण गांव में भारी मात्रा में भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के मलबे के कारण कृषि योग्य भूमि, संपर्क मार्ग लगातार खतरे की जद में हैं। अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी गई। लेकिन कोई फायदा नहीं हुई। गांव के लोग बारिश का नाम सुनकर ही खौफ खाने को मजबूर हैं।- दीपक नेगी, निवासी ग्राम गेठिया
तेज बारिश के कारण पुराने पेयजल स्रोत मलबे के नीचे दब गए हैं। जिस कारण गांवों में पीने के पानी की किल्लत पैदा हो गई है। गांव के लोग मजबूरी में गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने अभी तक ग्रामीणों की सुध नहीं ली।
भगत राम, निवासी पैंसिया
100 से अधिक गांवों में दूसरे दिन भी नहीं पेयजल आपूर्ति
बुधवार की रात सल्ट विकास खंड के पैंसिया क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि के कारण कई छोटी बड़ी योजनाएं बुरी तरह ध्वस्त हो गई थी। जिन्हें संबंधित विभाग दो दिन बीत जाने के बाद भी दुरुस्त नहीं कर पाया। अतिवृष्टि की इस घटना में क्षेत्र की सबसे पुरानी गुलार पेयजल योजना को भी नुकसान पहुंचा था। जिस कारण विकास खंड के सौ से अधिक गांवों की पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। योजना को हुए नुकसान के कारण शुक्रवार को भी सल्ट के कालीगांव, जालीखान, कबराढैया, मौलेखाल, धौंपड़ी, मुनड़ा, भ्याड़ी, शशीखाल, नौपटुआ, हिनौला और करगेत समेत सौ से अधिक गांवों और कस्बों में पीने के पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। जिस कारण दूसरे दिन भी पूरे क्षेत्र में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।