अल्मोड़ा। राज्य आंदोलनकारियों ने मंगलवार को चिह्नीकरण, समान पेंशन सहित विभिन्न मांगों को लेकर पेटशाल में धरना दिया। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 23 साल पूरे होने को हैं, लेकिन अब तक आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड अस्तित्व में नहीं आ सका है। राज्य गठन की लड़ाई लड़ने वाले आंदोलनकारी अपने ही राज्य में बेगाने हो गए हैं। कहा कि सरकार को नींद से जगाने के लिए राज्य स्थापना दिवस पर पदयात्रा निकाली जाएगी।
धरनास्थल पर सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष बह्मानंद डालाकोटी ने कहा कि राज्य गठन की लड़ाई में कई आंदोलनकारी शहीद हुए। उनके बलिदान से हमें अपना राज्य तो मिला, लेकिन बारी-बारी से सत्ता में काबिज प्रमुख दलों की सरकारें राज्य की अवधारणा को पूरा करने में विफल साबित हुई हैं। दोनों सरकारों ने राज्य को राजनीति का अखाड़ा बनाने का काम किया है, विकास से इनका कोई लेना देना नहीं है। कहा कि अब तक आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण नहीं हुआ है। राज्य को समस्याओं ने घेरा है, जिनका समाधान नहीं हो रहा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार को नींद से जगाने के लिए राज्य स्थापना दिवस पर एनटीडी से गांधी पार्क तक पदयात्रा निकाली जाएगी। यहां शिवराज बनौला, दौलत सिंह बगड़वाल, दिनेश शर्मा, महेश पांडे, सुशील बहुगुणा, ताराराम, बिशंभर दत्त, सुरेन्द्र सिंह, बहादुर राम आदि मौजूद रहे। संवाद