अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती अब तक नहीं कर सका। स्वास्थ्य विभाग से उधारी में मिले रेडियोलॉजिस्ट के भी अवकाश पर जाने से मरीजों की समस्या बढ़ गई है। यहां अल्ट्रासाउंड ठप रहे और मरीजों को अन्य अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ी ।
मेडिकल कॉलेज में बेहतर इलाज की आस में अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों के मरीज पहुंचते हैं। संचालन के दो साल बाद भी यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की दिक्कत को देखते हुए यहां रेडियोलॉजिस्ट उधार में दिया है। शनिवार को रेडियोलाॅजिस्ट के अवकाश पर चले जाने से यहां अल्ट्रासाउंड ठप रहे। सुबह से मरीज इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचे। चिकित्सकों ने करीब 20 मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। रेडियोलॉजिस्ट न होने से उन्हें जांच के लिए भटकना पड़ा। मजबूर होकर मरीजों ने जिला या अन्य निजी अस्पतालों में पहुंचकर अल्ट्रासाउंड कराया। इसके मेडिकल कॉलेज पहुंचकर उन्हें इलाज मिला।
गर्भवतियों को भी लगानी पड़ी सात किमी की दौड़
अल्मोड़ा। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड ठप रहने से गर्भवतियों को भी दिक्कत हो रही है। 12 से अधिक गर्भवतियां यहां जांच के लिए पहुंचीं। रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से उन्हें सात किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ी जिसके बाद उनकी जांच हो सकी।
केस एक
हवालबाग की लछिमा देवी ने बताया कि वह अपनी बहू को लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां अल्ट्रासाउंड ठप होने से उन्हें सात किमी दूर जिला मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ी।
केस दो
ताकुला की देवकी देवी ने बताया कि पेट दर्द की शिकायत होने पर वह अपनी पोती को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां चिकित्सकों ने उसे अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जिसके लिए उन्हें निजी अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी।
रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर रहने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। उनके वापस लौटने पर जांच शुरू होगी।
- प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, अल्मोड़ा।