अल्मोड़ा। धौलादेवी विकासखंड के 39 गांवों की प्यास बुझाने वाली सरयू पंपिंग योजना ठप होने से इन गांवों में जल संकट गहरा गया है। इस योजना का साथ न मिलने से 30,000 से अधिक की आबादी पानी के लिए तरस गई है। ऐसे में इन गांवों में 15 दिनों से नल का पानी कम मिल रहा है। दिवाली की तैयारी में व्यस्त लोग किसी तरह प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं।
दन्या, गौली, मनोली, बेलक, चौसलान, अमोग आदि 39 ग्राम पंचायतों की प्यास बुझाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से सरयू पंपिंग योजना बनाई गई है। आजकल इसके फिल्टर और कुएं की सफाई की जा रही है। इस कारण इस पंपिंग योजना से कम पानी लिफ्ट हो रहा है। तय समय पर कार्य पूरा न होने से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने जल संस्थान के अभियंताओं से नलों के माध्यम से पानी की आपूर्ति कराने की मांग की है।
तीन से चार दिन बाद मिल रहा है कुछ लीटर पानी
अल्मोड़ा। जल निगम के मुताबिक पंपिंग योजना के फिल्टर और कुएं की सफाई का कार्य तय अवधि में पूरा नहीं हो सका है। इसकी मार लोगों को सहनी पड़ रही है। ऐसे में जल निगम तीन-चार दिन बाद कुछ लीटर पानी की आपूर्ति कर महज औपचारिकता निभा रहा है। संवाद
आपदा मद से मिला है 25 लाख रुपये का बजट
अल्मोड़ा। जल निगम को सरयू पंपिंग योजना के फिल्टर, कुएं की सफाई के लिए आपदा मद से पच्चीस लाख रुपये का बजट मिला है। निगम को भुगतान मिलने के लंबे समय बाद भी यह कार्य पूरा नहीं हो सका है। इस अव्यवस्था का खामियाजा क्षेत्र की बड़ी आबादी को भुगतना पड़ रहा है। संवाद
योजना के फिल्टर और कुएं की सफाई हो रही है। निश्चित तौर पर इसमें अधिक समय लगा है। हालांकि विकल्प के तौर पर लोगों को अन्य योजनाओं से पानी की आपूर्ति की जा रही है। - दीपक जोशी, जेई, जल निगम, अल्मोड़ा।