अल्मोड़ा। उद्यान घोटाले में रानीखेत के विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल के भाई का नाम सामने आने के बाद उनके इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। सरकार पर भी उंगली उठ रही है। विधायक सभी आरोपों को निराधार बता रहे हैं। इस मामले में विधायक से सीधे सवाल पूछे गए। पेश है कुछ प्रमुख सवाल और उनके जवाब-
विपक्ष उद्यान घोटाले के पीछे आप पर भी दोष मड़ रहा है। इस पर आप क्या कहते हैं
जवाब: मेरे भाई ने प्रगतिशील किसान समिति के लोगों के साथ मिलकर काम किया है। नियमों के तहत की उद्यान स्थापित हुआ है। विपक्ष का काम आरोप लगाना है। वह इससे बाज नहीं आ सकता।
उद्यान के लिए जमीन पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप लग रहा है
जवाब: प्रगतिशील किसान समिति के लोगों के साथ ही हमने अपनी नाम भूमि पर पौधरोपण किया है। जमीन पर कब्जा करने के सभी आरोप निराधार हैं। इस पर राजस्व विभाग ही सही तथ्य सामने ला सकता है।
कहा जा रहा है कि पौधो का अंशदान जमा नहीं किया गया है। दबाव में आकर निशुल्क पौधे उपलब्ध कराए गए हैं।
जवाब: मेरे भाई ने अन्य किसानों के साथ मिलकर पौधे लगाए हैं। इसी साल जनवरी में पौधरोपण हुआ। नियमों के मुताबिक दो साल के भीतर योजना के तहत अंशदान जमा किया जा सकता है। अंशदान जमा किया जाएगा।
क्या इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
जवाब: निश्चित तौर पर मामले की जांच होनी चाहिए। मेरा नाम जबरन इसमें घसीटा जा रहा है, जबकि इसका ताल्लुक मेरे भाई से है। भाई ने भी नियमों के तहत काम किया है। जांच के बाद ही सही-गलत सामने आएगा। मेरी छवि धूमिल करने की कोशिश हो रही है।